comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

दिल्ली: कोरोना मरीजों के लिए बेड नहीं, केजरीवाल बोले- ब्लैक मार्केटिंग करने वाले अस्पतालों पर होगी कार्रवाई

दिल्ली: कोरोना मरीजों के लिए बेड नहीं, केजरीवाल बोले- ब्लैक मार्केटिंग करने वाले अस्पतालों पर होगी कार्रवाई

हाईलाइट

  • दिल्ली के अस्‍पतालों में कोरोना मरीजों को बेड न मिलने का मामला
  • केजरीवाल ने इन हरकतों के लिए निजी अस्पतालों को दी चेतावनी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोना रोगियों को अस्पताल में भर्ती न करने वाले निजी अस्पतालों को कड़ी चेतावनी दी है। इसके साथ ही दिल्ली सरकार ने अब निजी अस्पतालों में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की तैनाती करने का निर्णय लिया है। दिल्ली सरकार के यह अधिकारी निजी अस्पतालों में कोरोना रोगियों को बिस्तर मुहैया कराने में मदद करेंगे।

अस्पतालों के खिलाफ सरकार करेगी सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, सरकारी जमीन पर बने सभी अस्पतालों को कोरोना के मरीजों का इलाज करना ही होगा। वो अन्य किसी भी दलों के आकाओं से कुछ नहीं करवा सकते। कोरोना रोगियों का उपचार करने से इनकार करने वाले अस्पतालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। केजरीवाल ने कहा, इस संकट काल में भी कुछ हॉस्पिटल बेड्स की ब्लैक मार्केटिंग कर रहे हैं। मैं उनको चेतावनी देना चाहता हूं ऐसे हॉस्पिटल को बख्शा नहीं जाएगा। अस्पताल इलाज करवाने के लिए बनवाए गए हैं, पैसे कमाने के लिए नहीं।

केजरीवाल ने कहा, मंगलवार को एक ऐप लॉन्‍च किया गया है। इससे पता चल जाएगा कि किस अस्‍पताल में कितने बेड हैं, कितने वेंटिलेटर्स हैं। इसके बाद से ही बवाल मचा हुआ है। अब इस ऐप के पर अस्‍पताल खुद अपडेट कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, कई निजी अस्पतालों के मालिक अपनी ऊंची पहुंच के दम पर कोरोना रोगियों को अपने अस्पतालों में जगह नहीं दे रहे हैं। ऐसे किसी भी अस्पताल को बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि उन्होंने अधिकांश निजी अस्पतालों की प्रशंसा भी की है। सीएम ने कहा, ज्यादातर प्राइवेट हॉस्पिटल संकट की इस घड़ी में दिल्ली वालों की सेवा कर रहे हैं, लेकिन कुछ गिने-चुने अस्पताल बेड्स की ब्लैक मार्केटिंग कर रहे हैं।

दिल्ली सरकार के मुताबिक, निजी अस्पतालों के साथ इस विषय पर बैठक की जा रही है। अभी तक 33 निजी अस्पतालों के साथ बैठक हो चुकी है और शेष ऐसे अस्पताल जो लिस्ट में है, उनके मालिकों को भी बुलाकर इस विषय पर स्पष्ट निर्देश दिए जा रहे हैं।

अरविंद केजरीवाल ने कहा, दिल्ली में आज भी 5300 सैंपल की टेस्टिंग की गई है। कोरोना जांच में कुल 42 लैब काम कर रही हैं। इनमें से छह के खिलाफ शिकायतें मिली हैं, जिसके बाद इनके ऊपर कार्रवाई की गई है। हालांकि 36 लैब अभी भी बदस्तूर कोरोना जांच कर रही हैं। इनके अलावा सभी सरकारी और कई प्राइवेट अस्पतालों ने फ्लू क्लीनिक बनाए हैं, जहां कोरोना की जांच की जा रही है।

कमेंट करें
BS5Q7
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।