comScore

दिल्ली: हाईकोर्ट का केजरीवाल सरकार को निर्देश, मजदूरों के पंजीकरण को जल्द करें रिन्यू

दिल्ली: हाईकोर्ट का केजरीवाल सरकार को निर्देश, मजदूरों के पंजीकरण को जल्द करें रिन्यू

हाईलाइट

  • पांच लाख से अधिक श्रमिकों को एसएमएस भेजने को कहा है
  • दिल्ली में 10 लाख से अधिक निर्माण श्रमिक काम करते हैं

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को राज्य सरकार को करीब पांच लाख मजदूरों के पंजीकरण को नवीनीकृत करने का निर्देश दिए। ताकि पात्र श्रेणी के श्रमिकों को लॉकडाउन के दौरान राहत मिल सके। जस्टिस विपिन सांघी और रजनीश भटनागर की पीठ ने केजरीवाल सरकार से कहा, 'बिल्डिंग एंड कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर एक्ट के तहत आने वाले मजूदरों के पंजीकरण को रिन्यू करें।'

श्रमिकों को एसएमएस भेजने को कहा
बेंच ने सरकार को पंजीकरण के पांच लाख से अधिक श्रमिकों को एसएमएस भेजने को भी कहा है। हालांकि विस्तृत आदेश बाद में उपलब्ध कराया जाएगा। कोर्ट सामाजिक कार्यकर्ता सुनील कुमार अलेडिया द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। उन्होंने याचिका में प्रवासी मजदूरों और श्रमिकों को राहत व सभी अनिवार्य लाभ देने की मांग की थी। वकील शिवेन वर्मा ने श्रमिकों को राहत प्रदान करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया। जिनमें पिछले दो सालें में पंजीकृत थे, लेकिन बीओसीडब्ल्यू एक्ट (BOCW Act) के तहत सदस्यता का नवीनीकरण नहीं किया गया। 

बीओसाडब्ल्यू एक्ट के तहत पंजीकृत करें
याचिका में संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने के लिए एक आदेश भी मांगा गया है। जिसे यह सुनिश्चित हो सके सभी निर्माण श्रमिक जिनके नाम श्रम विभाग के साथ निर्माण कंपनियों और नियोक्ताओं द्वारा दायर किए गए हैं। उन्हें जल्द बीओसीडब्ल्यू एक्ट के तहत पंजीकृत किया जाए। अलेडिया ने अपनी याचिका में मजदूरों के समानता और काम के अधिकार के उल्लंघन पर भी चिंता व्यक्त की है।

लॉकडाउन: प्रवासी मजदूरों के पलायन से कंपनियों को बड़ा नुकसान, नहीं मिल रहे स्किल्ड लेबर

10 लाख से अधिक निर्माण श्रमिक
उन्होंने याचिका में कहा है दिल्ली के अधिकांश निर्माण श्रमिकों को पंजीकृत नहीं किया गया है। उन्हें आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के दिशानिर्देशों के अनुसार भुगतान नहीं किया जा रहा है। बता दें दिल्ली में 10 लाख से अधिक निर्माण श्रमिक काम करते हैं। 
 

कमेंट करें
UzHAs