दैनिक भास्कर हिंदी: गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर रैली, दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने तैयारियों का जायजा लिया, बोले- नियम तोड़े तो होगी कार्रवाई

January 25th, 2021

हाईलाइट

  • गणतंत्र दिवस के मौके पर देश की राजधानी दिल्ली की सड़कों पर ट्रैक्टर रैली
  • ट्रैक्टर रैली को लेकर दिल्ली की सुरक्षा काफी सख्त
  • दिल्ली पुलिस कमिश्नर बोले- नियम तोड़े तो होगी कार्रवाई

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तीन नए कृषि कानून के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसान गणतंत्र दिवस के मौके पर देश की राजधानी दिल्ली की सड़कों पर ट्रैक्टर रैली निकालेंगे। इसी को लेकर दिल्ली की सुरक्षा काफी सख्त कर दी गई है। किसानों को कुछ निश्चित रूट पर एंट्री की इजाजत मिली है। ऐसे में दिल्ली पुलिस कमिश्नर एस.एन. श्रीवास्तव ने ट्रैक्टर रैली की तैयारियों का जायज़ा लिया।

इस दौरान उन्होंने कहा, 'किसानों से बातचीत करने के बाद हमने रूट तय कर दिया है जिसको वो मानते हैं। हमें उम्मीद हैं कि वो उसी रूट पर ही जाएंगे।' उन्होंने ये भी कहा कि अगर नियम तोड़े गए तो पुलिस एक्शन लेने से पीछे नहीं हटेगी।

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क्या कहा किसानों ने?
वहीं भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश सिंह टिकैत ने कहा, किसान ने तिरंगे को अपने खेत से जोड़ दिया है। सैनिक परेड निकालते हैं और किसान भी परेड निकालेंगे। हम ही किसान है और हम ही जवान है। ट्रैक्टर परेड में हमारा हर आदमी पूरी तरह से सैनिक का काम करेगा। हमारी दिल्ली पुलिस से कोई हार जीत नहीं है। स्वराज इंडिया के योगेंद्र यादव ने कहा, हम दिल्ली को जीतने नहीं जा रहे हैं, हम देश की जनता का दिल जीतने जा रहे हैं।

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संयुक्त किसान मोर्चा ने सर्वसम्मति से परेड के लिए यह हिदायतें बनाई है। इसे ज्यादा से ज्यादा साथियों के साथ शेयर करें। संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से ये भी कहा गया है कि आज तक देश में गणतंत्र दिवस पर इस देश के गण यानी कि हम लोगों ने कभी इस तरह परेड नहीं निकाली है। हमें ध्यान रखना है कि इस ऐतिहासिक परेड में किसी किस्म का धब्बा ना लगने पाए।

क्या कहा कृषि मंत्री तोमर ने?
सरकार किसान और कृषि दोनों के हितों के प्रति प्रतिबद्ध है, PM के नेतृत्व में बीते 6 वर्षों में किसान की आमदनी बढ़ाने, खेती को नई तकनीक से जुड़ने के लिए अनेक प्रकार की योजनाएं और प्रयास किए गए हैं। MSP को डेढ़ गुना करने का काम भी PM के नेतृत्व में हुआ।

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किसान को उसके उत्पादन का सही दाम मिल सके, किसान महंगी फसलों की ओर आकर्षित हो सके इसलिए जहां कानून बनाने की आवश्यकता थी वहां कानून बनाए गए और जहां कानून में बदलाव की आवश्यकता थी वहां कानून में बदलाव भी किए गए। इसके पीछे सरकार और प्रधानमंत्री की साफ नीयत हैं।

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