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दिल्ली में बिगड़ी एयर क्वालिटी, 32 फ्लाइट डायवर्ट, नोएडा में स्कूल बंद

दिल्ली में बिगड़ी एयर क्वालिटी, 32 फ्लाइट डायवर्ट, नोएडा में स्कूल बंद

हाईलाइट

  • दिल्ली में रविवार सुबह एयर क्वालिटी बिगड़ने से फ्लाइट ऑपरेशन प्रभावित हुए
  • नोएडा और गाजियाबाद में 5 नवंबर तक स्कूलों को भी बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं
  • दिल्ली के सीएम ने प्रदूषण कम करने के लिए केंद्र सरकार से मदद मांगी है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रविवार सुबह एयर क्वालिटी बिगड़ने से फ्लाइट ऑपरेशन प्रभावित हुए। इसके अलावा नोएडा और गाजियाबाद में 5 नवंबर तक स्कूलों को भी बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। बिगड़ती हवा की गुणवत्ता को देखते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र से स्थिति में सुधार के लिए तत्काल कदम उठाने का आह्वान किया और कहा कि उनकी सरकार इसका समर्थन करेगी।

अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, 'पूरे नॉर्थ इंडिया में प्रदूषण उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। दिल्ली सरकार ने इसे कम करने के कई कदम उठाए। दिल्लीवासियों ने कई बलिदान दिए। बिना किसी गलती के दिल्लीवासी पीड़ित हैं। पंजाब के सीएम ने भी चिंता जताई है। केंद्र सरकार को लोगों को राहत देने के लिए तत्काल कदम उठाना चाहिए। हम भी केंद्र सरकार के उठाए हर कदम का समर्थन करेंगे।'

सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (SAFAR) के आंकड़ों के अनुसार इस सीजन में पहली बार, एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) हल्की बूंदाबांदी के बावजूद सुबह 10 बजे 625 के उच्च स्तर पर पहुंच गया। धीरपुर में, AQI 509 था, जबकि दिल्ली विश्वविद्यालय क्षेत्र में यह 591 था। दिल्ली के प्रसिद्ध चांदनी चौक क्षेत्र में, AQI 432 दर्ज किया गया जबकि लोधी रोड में यह 537 था। सुबह 10.35 बजे, नोएडा का एयर क्वालिटी इंडेक्स 487 था, जबकि ग्रेटर नोएडा का स्तर 470 था।

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कक्षा 12 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 4 और 5 नवंबर को गौतमबुद्ध नगर प्रशासन ने प्रदूषण स्तर में स्पाइक के मद्देनजर बंद रहने का आदेश दिया है। प्रशासन ने कहा कि दिवाली के बाद से पार्टिकुलेट मैटर 2.5 और 10 का स्तर हवा में अत्यधिक हो गया है, जिसके कारण ओवरऑल एयर क्वालिटी में बड़ी गिरावट आई है।

लो विजिबिलिटी (करीब 300 मीटर) के कारण, दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर  कई उड़ानें डायवर्ट कर दी गई। एयरपोर्ट की तरफ से जारी बयान में कहा गया, 'खराब मौसम के कारण, दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर सुबह 9 बजे से फ्लाइट ऑपरेशन प्रभावित हुआ। लो विजिबिलिटी के कारण, 32 उड़ानों को डायवर्ट किया गया है।'

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।