दैनिक भास्कर हिंदी: फैसले के वक्त हाथ जोड़कर खड़े थे राम रहीम

August 25th, 2017

डिजिटल डेस्क, पंचकूला। सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने जब डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को रेप के मामले में दोषी ठहराया तब बाबा हाथ जोड़कर खड़े थे। फैसला सुनाने से पहले बाबा के बॉडीगार्ड को कोर्ट रूम से बाहर ही रोक लिया गया था। कोर्ट के भीतर केवल जज, वकील और दो पुलिस अधिकारी ही मौजूद थे। यहां तक कि कोर्ट रूम में सारे फोन भी जज ने बंद करवा दिए थे।

सीबीआई के स्पेशल जज ने फैसला सुनाने में केवल 10 मिनट का वक्त लिया।  इससे पहले, उनकी मेडिकल जांच की गई। फैसला तयशुदा वक्त दोपहर 2:30 बजे नहीं सुनाया जा सका क्योंकि बाबा राम रहीम देरी से कोर्ट पहुंचे। दरअसल, बाबा के काफिले से सिर्फ दो गाड़ियों को कोर्ट तक आने की अनुमति थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बाबा की गाड़ी को तो आने की मंजूरी मिल गई, लेकिन उनके साथ दूसरी गाड़ी के सिक्यॉरिटी क्लियरेंस पर पेच फंस गया। दूसरी गाड़ी में बैठे समर्थक सुरक्षा जांच कराने को तैयार नहीं थे। बाद में डीजीपी ने मौके पर पहुंचकर मामला सुलझाया और राम रहीम अदालत पहुंचे।

गुरमीत राम रहीम सिंह शुक्रवार सुबह सिरसा स्थित अपने आश्रम से पंचकूला की अदालत के लिए सड़क के रास्ते रवाना हुए। पहले खबरें थीं कि वह हेलिकॉप्टर के जरिए आएंगे। बताया जा रहा है कि उनके काफिले में 800 से ज्यादा गाड़ियां शामिल थीं। सिरसा से पंचकूला 250 किलोमीटर दूर है। हरियाणा पुलिस ने गुरमीत राम रहीम को जेड प्लस सुरक्षा दी है। आश्रम से निकलते वक्त भी कुछ अनुयायी बाबा की कार के सामने लेट गए और रास्ता रोकने की कोशिश की। समर्थकों के बेहोश होने की भी खबरें आईं।

राम रहीम पर आरोप था कि उन्होंने आश्रम की एक साध्वी का रेप किया। बाबा पर रेप के अलावा जान से मारने की धमकी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। अब 28 अगस्त को सजा की अवधि पर बहस होगी। माना जा रहा है कि राम रहीम को सात से 10 साल की सजा हो सकती है। पुलिस और सुरक्षा बलों ने किसी भी गड़बड़ी की आशंका को टालने के लिए शुक्रवार सुबह से ही कोर्ट परिसर के एक किमी के इलाके को पूरी तरह से सील कर दिया था। हालांकि बाबा के काफिले में 800 से ज्यादा गाड़ियां थीं, लेकिन उनमें से केवल दो को ही कोर्ट परिसर में घुसने की इजाजत दी गई।