दैनिक भास्कर हिंदी: पीएम मोदी, शाह और शिवसेना नेता विनायक के बीच महाराष्ट्र में सरकार बनाने पर चर्चा

November 18th, 2019

हाईलाइट

  • सर्वदलीय बैठक के बाद बाहर निकलते समय नेताओं ने चलते-चलते की चर्चा
  • रिप​ब्लिकन पार्टी के नेता रामदास अठावले ने की मध्यस्थता
  • शिवसेना और भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाने के लगाए जा रहे कयास

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली में रविवार को सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान कुछ ऐसा घट गया, जिस कारण कयास लगाए जा रहे हैं कि शिवसेना अब भी भाजपा के सा​थ सरकार बनाना चाहती है और वह अपनी 50-50 फार्मूले की बात को मनवाने की कोशिश कर रही है। 

दरअसल संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू होगा। उससे पहले केंद्र सरकार सभी दलों के साथ सत्र के सुचारू रूप से संचालन के लिए बैठकें कर रही है। ऐसी ही एक बैठक रविवार को संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने बुलाई थी। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आमना-सामना शिवसेना नेता विनायक राऊत से हो गया।

 

 

उनके साथ आरपीआई के नेता रामदास अठावले भी थे। बैठक के बाद नेताओं के बाहर निकलते समय अठावले ने शिवसेना नेता विनायक राऊत को आगे बढ़ाते हुए पीएम मोदी से कहा कि प्रधानमंत्री जी महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए कुछ तो करिए। इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुस्कुराए और कहा कि 'आज बालासाहेब ठाकरे की पुण्यतिथि है वे बहुत महान नेता थे', और आगे की तरफ बढ़ गए। इस दौरान पीएम मोदी के साथ गृहमंत्री अमित शाह भी चल रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगे बढ़े ही थे कि शिवसेना नेता विनायक राउत गृहमंत्री अमित शाह की तरफ मुखातिब होते हुए बोले कि 'सरकार बनाना तो अमित जी के हाथ में है।' इस पर अमित शाह मुस्कुराए, लेकिन कुछ नहीं बोले। तभी अठावले ने शाह से कहा कि 'अमित भाई आप कोशिश करेंगे तो महाराष्ट्र में सरकार बन जाएगी।' इस पर शाह ने कहा कि 'आप चिंता मत कीजिए सब ठीक होगा।'

सूत्रों के अनुसार वाक्ये से महाराष्ट्र में सरकार बनाने का रास्ता खुल सकता है, ऐसा कहना मुश्किल है, क्योंकि शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस का गठबंधन बनने की प्रक्रिया अंतिम चरणों में मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार जल्द ही ये तीनों दल मिलकर राज्यपाल से मुलाकात करेंगे और सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। ​यदि ऐसा हुआ तो तीनों जल्द ही महाराष्ट्र में पहली बार विपरीत विचारधारा के गठबंधन की सरकार बनती नजर आएगी। वहीं चलते-चलते हुई इस छोटी-सी बातचीत के बाद यदि भाजपा और शिवसेना के बीच कोई बात बनती है तो एक बार फिर शिवसेना और भाजपा की सरकार बन सकती है। ऐसे में यह भी कहा जा रहा है कि शिवसेना दोनों ओर ढोल रही है।

विपक्ष की भूमिका में रहेगी शिवसेना

इस बीच संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने साफ कर दिया है कि 'शिवसेना अब विपक्ष की भूमिका में आ चुकी है और जानकारी एनडीए के पूर्व घटक दल के तौर पर उनको दे दी गई थी। राज्यसभा और लोकसभा में शिवसेना की बैठक व्यवस्था भी बदल दी गई है और अब शिवसेना विपक्ष के नेताओं के साथ बैठेगी।'

इस बैठक से पहले आज (रविवार) सुबह महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की 7वीं पुण्यतिथि के मौके पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने मुंबई के शिवाजी मैदान पहुंचे थे। इसके बाद फडणवीस ने बालासाहेब के समर्थन में ट्वीट भी किए। 

मैंने गृहमंत्री से कहा कि वे मध्यस्थता करें तो रास्ता निकाल सकता है

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा है कि मैंने गृहमंत्री अमित शाह से कहा कि अगर वे मध्यस्थता करते हैं तो एक रास्ता निकाला जा सकता है, जिसमें उन्होंने ने जवाब दिया कि "चिंता मत करो, सब ठीक हो जाएगा। भाजपा और शिवसेना सरकार बनाने के लिए साथ आओ”।

 

 

सवाल

ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि बाला साहेब ठाकरे की पुण्यतिथि पर संसद भवन में हुई इस घटना के बाद शिवसेना अपने रुख में नरमी लाएगी या 50-50 के फार्मूले की जिद पर अड़ी रहेगी या फिर भाजपा एक कदम आगे बढ़कर शिवसेना के साथ सरकार बनाने की कोशिश करेगी?

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