दैनिक भास्कर हिंदी: तमिलनाडु: नेवेली लिग्नाइट पावर प्लांट के बॉयलर में ब्लास्ट, 6 लोगों की मौत, 17 घायल

July 1st, 2020

हाईलाइट

  • कुड्डालोर के नेवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन पावर प्लांट में हादसा
  • प्लांट के एक बॉयलर में विस्फोट से 6 की मौत, 17 लोग घायल

डिजिटल डेस्क, चेन्नई। तमिलनाडु के कुड्डालोर जिले में बुधवार को दर्दनाक हादसा हो गया। यहां नेवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन (NLC) पावर प्लांट के एक बॉयलर में विस्फोट हो गया। जिससे 6 लोगों की मौत हो गई जबकि करीब 17 लोग घायल हुए हैं। विस्फोट सुबह करीब 9.55 बजे TPS II की यूनिट 5 में हुआ। घायल श्रमिकों को NLCIL जनरल हॉस्पिटल में फर्स्ट एड देने बाद में एडवान्स्ड ट्रीटमेंट के लिए चेन्नई के एक निजी अस्पताल में भेजा गया। 17 घायलों में से ग्यारह की हालत गंभीर बताई जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि विस्फोट का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है।

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18 महीनों में टीपीएस II में 5 दुर्घटनाएं
इससे पहले 7 मई को नेवेली पावर प्लांट के TPS II  के यूनिट 6 में भी बॉयलर ब्लास्ट हुआ था। हादसा 84 मीटर ऊंचाई वाले बॉयलर में हुआ था। उस वक्त कर्मचारी और टेक्नीशियन 32 मीटर पर मौजूद थे। इस हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे। 7 मई के विस्फोट के तुरंत बाद, पीएमके यूथ विंग के प्रेसिडेंट अंबुमणि रामदास ने जोर देकर कहा कि प्रबंधन सुरक्षा ऑडिट कर उन यूनिटों को बंद कर दें जिनके पास पर्याप्त सुरक्षा उपाय और सुविधाएं नहीं हैं। पिछले 18 महीनों में टीपीएस II में 5 दुर्घटनाएं हुई हैं। आमतौर पर ओवरहीटिंग और हाई प्रेशर बॉयलर के आउटलेट यूनिट के विस्फोट का कारण बनती है।

A thermal power station at Neyveli

लेबर यूनियन के लीडर ठहरा रहें कंपनी को जिम्मेदार
लेबर यूनियन के लीडर और राजनीतिक नेताओं का एक वर्ग दुर्घटनाओं के लिए कंपनी को जिम्मेदार ठहरा रहा है। उन्होंने कंपनी पर संयंत्र के सुरक्षा पहलुओं से समझौता करने का आरोप लगाया। बता दें कि TPS II की सात यूनिट्स हैं जिनकी क्षमता 210MW है। संयंत्र में एडमिनिस्ट्रेशन और डिस्ट्रीब्यूशन स्टाफ मेंबरों सहित लगभग 2,000 कर्मचारी हैं। एक थर्मल यूनिट का औसत जीवन काल 30 वर्ष है और रिनोवेशन के बाद 10 से 20 वर्षों तक इस यूनिट को ऑपरेट किया जा सकता है।