दैनिक भास्कर हिंदी: नीरजा भनोट के हत्यारों की फोटो जारी, FBI ने 128 करोड़ का रखा इनाम

January 13th, 2018

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका की इंटेलिजेंस एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट पर एयरहोस्टेस नीरजा भनोट के हत्यारों की फोटो शेयर की है। नीरजा भनोट की मौत के 32 साल बाद इन हत्यारों की फोटो सामने आई है। अमेरिका ने जिन आतंकियों की फोटो जारी की है, उनके नाम मोहम्मद हाफिज अल-तुर्की, जमाल सईद अब्दुल रहीम, मोहम्मद अब्दुल्ला खलील हुसैन अर्याल और मोहम्मद अहमद अल मुनव्वर है। चारों आतंकियों की सूचना देने पर अमेरिका ने 32-32 करोड़ रुपए का इनाम रखा है।


चारों आतंकियों पर 128 करोड़ का इनाम

FBI ने इन आतंकियों की फोटो अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर शेयर की है। इन चारों आतंकियों की सूचना देने पर अमेरिका ने 50-50 लाख डॉलर का इनाम रखा है। इंडियन करंसी के हिसाब से ये 32 करोड़ रुपए होती है। इसका मतलब ये हुआ कि इन सभी आतंकियों पर 128 करोड़ का इनाम रखा गया है। अमेरिका को इन आतंकियों की फोटो साल 2000 में मिली थी।

 



1986 में हुई थी नीरजा की मौत

बता दें कि तकरीबन 32 साल पहले 5 सितंबर 1986 को इन चारों आतंकियों ने मुंबई से अमेरिका जा रही अमेरिकी एयरलाइंस पैन एम-73 फ्लाइट को हाईजैक कर लिया था। इस फ्लाइट में 369 पैसेंजर सवार थे। हाईजैक करने के बाद इन आतंकियों ने फ्लाइट में फायरिंग करना शुरू कर दी थी। तब एयरहोस्टेस नीरजा भनोट ने बहादुरी दिखाते हुए इमरजेंसी गेट खोला और पैसेंजर्स को बाहर निकाला। सभी यात्रियों को बाहर निकालने के बाद आखिरी में तीन बच्चों को निकालते वक्त आतंकियों ने नीरजा पर फायरिंग कर दी, जिससे उनकी मौत हो गई थी।

शादी के 2 महीने बाद ही छोड़ दिया था घर

एयरहोस्टेस नीरजा भनोट का जन्म पंजाब और हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ में हुआ था। उनके माता-पिता का नाम रमा भनोट और हरीश भनोट था और ये दोनों ही मुंबई में जर्नलिस्ट थे। साल 1985 में नीरजा की शादी हुई लेकिन 2 महीने बाद ही वो दहेज के दबाव के कारण पति को छोड़कर मुंबई वापस आ गई। शादी से पहले नीरजा मॉडलिंग किया करती थी, लेकिन शादी के कारण उन्हें अपना करियर छोड़ना पड़ा। शादी के बाद जब वो अपने पति को छोड़कर अपने मां-बाप के पास आईं तो उन्होंने फिर से मॉडलिंग का करियर शुरू कर दिया। 

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अमेरिकी एयरलाइंस में लगी जॉब

दोबारा से मॉडलिंग शुरू करने के बाद नीरजा भनोट ने अमेरिकी एयरलाइंस पैन एम में फ्लाइट अटेंडेंट की जॉब के लिए एप्लाय किया और उन्हें इसमें एयरहोस्टेस की जॉब मिल गई। 5 सितंबर 1986 को नीरजा भनोट पैन एम-73 फ्लाइट में ही थीं और उसे चार आतंकियों ने हाईजैक कर लिया था। बताया गया था कि इस फ्लाइट को फिलिस्तीन के आतंकी संगठन अबु निदाल के आतंकियों ने हाईजैक किया था। आतंकियों का प्लान था इस फ्लाइट को इजरायल ले जाकर क्रैश किया जाए।

कराची में हुआ था हाईजैक

इस फ्लाइट को पहले कराची, फ्रैंकफर्ट और जर्मनी होते हुए न्यूयॉर्क जाना था। ये फ्लाइट जब कराची में लैंड हुई, तो ये चारों आतंकी सिक्योरिटी की ड्रेस में फ्लाइट में घुस गई। इसके बाद आतंकियों ने नीरजा को बोला कि वो सारे पैसेंजर्स के पासपोर्ट कलेक्ट कर ले ताकि अमेरिकियों का पता चल सके। इसके बाद आतंकियों ने फ्लाइट के अंदर ही फायरिंग करना शुरू कर दी। तभी नीरजा ने फ्लाइट का इमरजेंसी गेट खोला और पैसेंजर्स को बाहर निकाला। उन्होंने लगभग सभी पैसेंजर्स को बाहर निकाल दिया था, लेकिन आखिरी में तीन बच्चों को बाहर निकालते वक्त आतंकियों ने उन पर फायरिंग कर दी और मात्र 23 साल की उम्र में ही नीरजा दुनिया को अलविदा कहकर चलीं गईं।

भारत ही नहीं पाकिस्तान में सम्मान

नीरजा भनोट को उनकी इस बहादुरी के लिए 'अशोक चक्र' जैसे सर्वोच्च सैनिक सम्मान से नवाजा गया था। उन्हें ये सम्मान मरणोपरंता मिला और देश की पहली ऐसी नागरिक थीं, जिन्हें ये सम्मान मिला था। इसके साथ ही पाकिस्तान ने नीरजा को 'तमगा-ए-इंसानियत' से नवाजा था।