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दिल्ली के थानों पर आतंकी हमलों की आशंका, गेटवेज पर लगे ताले

दिल्ली के थानों पर आतंकी हमलों की आशंका, गेटवेज पर लगे ताले

हाईलाइट

  • खुफिया एजेंसीज ने दिल्ली के थानों पर आतंकी हमलों की आशंका जताई
  • दिल्ली पुलिस ने थानों के गेटवेज पर लगाए ताले
  • सुरक्षा के लिए किए गए कड़े इंतजाम

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के थानों और पुलिस आवासों पर खुफिया एजेंसियों ने आतंकवादी हमलों की आशंका जताई है। खुफिया एजेंसी द्वारा दी गई इस जानकरी से दिल्ली पुलिस में हड़कंप मचा हुआ है। यह सूचना दो-तीन दिन पहले ही दिल्ली पुलिस को दे दी गई है। इस जानकारी के बाद अलर्ट हुई दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से सभी थानों और पुलिस कॉलोनियों की सुरक्षा बढ़ा दी है। साथ ही थानों के प्रवेशद्वारों को भी ताला लगा कर बंद कर दिया गया है।

सूत्रों के मुताबिक, इस महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी के बाद दिल्ली पुलिस मुख्यालय ने सभी थानों को बेहद सजग रहने के निर्देश दे दिए हैं। साथ ही जिन थाना क्षेत्रों में पुलिस आवास और पुलिस कॉलोनियां हैं, वहां भी सुरक्षा के इंतजाम मजबूत करने को कहा गया है। थानों की सुरक्षा में तैनात हथियारबंद सिपाहियों को भी विशेष निर्देश दिए गए हैं। साथ ही थाने में आने-जाने वाले हर वाहन पर खास नजर रखने की हिदायत दी गई है।

दिल्ली के अधिकांश थाना प्रभारियों ने तो बाकायदा थानों के प्रवेशद्वारों पर लिखित रूप से चेतावनी चस्पा कर दी है। जिसमें साफ-साफ लिखा है कि थाने का मुख्य द्वार दिन-रात बंद रहेगा, इसलिए आना-जाना सिर्फ थाने के छोटे दरवाजे से ही किया जाए।

बता दें कि दिल्ली में 200 से भी ज्यादा थाने हैं। जिनमें नई दिल्ली, मध्य दिल्ली, दक्षिण दिल्ली और उत्तरी दिल्ली के सबसे ज्यादा संवेदनशील थाने माने जाते हैं। नई दिल्ली जिले में संसद मार्ग, मंदिर मार्ग, चाणक्यपुरी, तुगलक रोड, कनाट प्लेस आदि थाने हमेशा ही असामाजिक तत्वों के निशाने पर रहते हैं। वहीं मध्य दिल्ली जिले में चांदनी महल, जामा मस्जिद, आईपी स्टेट, उत्तरी दिल्ली का कोतवाली थाना, सिविल लाइंस थाना भी संवेदनशील माने जाते हैं।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।