दैनिक भास्कर हिंदी: अरुण जेटली AIIMS से हुए डिस्चार्ज, नहीं हुआ किडनी ट्रांसप्लांट

April 10th, 2018

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। किडनी की समस्या से जूझ रहे वित्त मंत्री अरुण जेटली को सोमवार को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। अब तक कहा जा रहा था कि अरुण जेटली का किडनी ट्रांसप्लांट किया जाएगा, लेकिन डॉक्टरों ने डायलिसिस करने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी है। बता दें कि जेटली शुक्रवार शाम एम्स में भर्ती हुए थे।

जेटली के परिवार को करीबी सूत्र बताते है कि डॉक्टरों ने उन्हें कहा है कि वह डायलिसिस और दवाओं से वह ठीक हो सकते है। डॉक्टर्स कुछ दिन इंतजार कर ये देखना चाहते है कि किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी जरूरी है या नहीं। छुट्टी मिलने के बाद अभी यह स्पष्ट नहीं है कि जेटली दफ्तर जाना कब शुरू करेंगे। वह पिछले सोमवार से दफ्तर नहीं जा रहे हैं।

ट्वीट कर दी थी जानकारी
सोमवार 2 अप्रैल से अरुण जेटली दफ्तार नहीं जा रहे है। जिसके बाद उन्होंने ट्वीट कर अपनी बीमारी की जानकारी दी थी। उन्होंने ट्वीट किया था, 'मेरा किडनी से संबंधित समस्याओं तथा कुछ संक्रमणों का इलाज चल रहा है।' हालांकि उन्होंने बीमारी की विस्तृत जानकारी नहीं दी थी। उन्होंने कहा था, 'अभी नियंत्रित माहौल में घर से ही काम कर रहा हूं। मेरा आगे का इलाज मेरे डॉक्टरों पर निर्भर करेगा।

डोनर से की थी मीटिंग
शुक्रवार को अस्तपाल में भर्ती होने से पहले गुरुवार को अरुण जेटली एम्स अस्पताल पहुंचे थे। बताया जाता है कि ट्रांसप्लांट को लेकर डोनर से मीटिंग करने के लिए जेटली यहा पहुंचे थे। इसके बाद वह वापस घर लौट गए। मालूम हो कि जेटली पिछले काफी समय से किडनी की परेशानी से जूझ रहे हैं। वहीं सुगर की समस्या से भी जेटली परेशान है। बजट पेश करने के दौरान भी देखा गया था कि वो ज्यादा देर तक खड़े नहीं रह पा रहे थे। इसके बाद उन्होंने बैठकर बजट पेश किया था।  

2014 में बैरियाट्रिक सर्जरी
सितंबर 2014 में अरुण जेटली की बैरियाट्रिक सर्जरी भी हुई थी। ये सर्जरी उनके वजन घटाने के लिए की गई थी। कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने एक ट्वीट कर वित्तमंत्री के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना की। सिंघवी ने कहा कि बुधवार को राज्यसभा में नए नेताओं के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में अरुण जेटली को न देखकर आश्चर्य हुआ। वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी ट्वीट कर उनके ठीक होने की कामना की। उन्होंने कहा ये चकित करता है कि शुगर और की समस्या के बावजूद वो इतने व्यस्त शेड्यूल को मेंटेन करते रहे।