दैनिक भास्कर हिंदी: वेदांति बोले- 2019 के पहले कभी भी शुरू हो सकता है राम मंदिर निर्माण

June 25th, 2018

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। राम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य और भाजपा के पूर्व सांसद डॉ रामविलास दास वेदांति ने कहा है कि जिस मस्ज़िद के तोड़ने का आरोप हिंदुओं पर लगता रहता है, वह सरासर गलत है। दरअसल वहां कोई मस्ज़िद थी ही नहीं। वहां बस एक मंदिर का खंडहर था, जिसे फिर से नया राम मंदिर बनवाने के लिए तोड़ा गया। वेदांति ने दावा करते हुए कहा कि 2019 से पहले कभी भी राम मंदिर के निर्माण की शुरुआत की जा सकती है। बता दें कि डॉ. रामविलास दास वेदांति अयोध्या आंदोलन के मुख्य चेहरों में से एक रहे हैं।

बीजेपी सरकार ही बनवा सकती है राम मंदिर
वेदांति ने आगे कहा कि भाजपा की सरकार ही केवल यह राम मंदिर बनवा सकती है। इसलिए वह प्रधानमंत्री मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कुछ महिनों का वक्त और देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने जो वादा किया है, उसे पूरा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार उस विवादित ढाचे को अचानक से ध्वस्त किया गया था, उसी प्रकार इस मंदिर का भी निर्माण किया जाएगा।  2019 से पहले कभी भी रातों रात इस मंदिर का निर्माण शुरू किया जा सकता है।

राम मंदिर का निर्माण होकर रहेगा
कोर्ट में चल रहे इस मामले को लेकर वेदांति ने कहा कि अगर कोर्ट का फैसला नहीं भी आया फिर भी मंदिर का निर्माण होकर रहेगा। उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि 2019 में फिर से भाजपा की सरकार बनेगी और नरेंद्र मोदी दोबारा भारत के प्रधानमंत्री बनेंगे। साथ ही साथ उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील भी की कि देश और प्रदेश दोनों में भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार है। ऐसे में राम जन्मभूमि न्यास को भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए उसकी 67 एकड़ जमीन वापस कर दें।

वसीम रिजवी ने दिया मंदिर निर्माण के लिए चंदा
रविवार को शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए राम जन्मभूमि कार्यशाला में 10 हजार रुपए का चंदा दिया था। वसीम रिजवी ने कहा था कि मुकदमा जीतने से बेहतर है कि राम भक्तों के दिलों को जीता जाए। वहीं विश्व हिंदू परिषद की तर्ज पर अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद गठित करने वाले प्रवीण तोगड़िया भी अपने समर्थकों के साथ मंगलवार को अयोध्या पहुंच रहे हैं।

गौरतलब है कि 2014 लोकसभा चुनाव में राम मंदिर एक महत्वपूर्ण मुद्दा था, जिसने भाजपा को विशाल बहुमत से जीत दिलवाई थी। 2019 में 17वां लोकसभा चुनाव होना है। ऐसे में चुनाव से पहले राम मंदिर निर्माण को लेकर सियासत एक बार फिर गर्म होने लगी है।