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बयान: पूर्व जस्टिस मार्कण्डेय काटजू ने रंजन गोगोई को कहे अपशब्द, FB पर लिखा- बदमाश सांसद बनेगा

बयान: पूर्व जस्टिस मार्कण्डेय काटजू ने रंजन गोगोई को कहे अपशब्द, FB पर लिखा- बदमाश सांसद बनेगा

हाईलाइट

  • मार्कण्डेय काटजू ने राज्यसभा में रंजन गोगोई के मनोनयन पर की आलोचना
  • रंजन गोगोई को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राज्यसभा के लिए मनोनीत किया

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मार्कण्डेय काटजू (Markandey Katju) ने पूर्व CJI रंजन गोगोई (Ranjan Gogoi) के राज्यसभा (Rajya Sabha) में मनोनीत होने पर आलोचना की है। काटजू ने फेसबुक (Facebook) पोस्ट लिखकर गोगोई पर तीखा हमला किया है। उन्होंने लिखा है कि मैं 20 साल से वकील हूं और दूसरे 20 साल जज रहा। मैं कई अच्छे और कई बुरे जजों को जानता हूं। मैंने कभी भी भारतीय न्यायपालिका के किसी भी न्यायाधीश को इस यौन विकृत रंजन गोगोई के रूप में बेशर्म और अपमानजनक नहीं देखा। शायद की कोई बुराई हो जो इस आदमी में नहीं थी। अब यह बदमाश भारतीय सांसद बनने जा रहा है। 

गोगोई के राज्यसभा नामांकन पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
पूर्व प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई (Ranjan Gogoi) को राज्यसभा के लिए मनोनीच होने पर कांग्रेस ने भी सवाल उठाए हैं। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सरकार के फैसले पर सवाल खड़े किए और कहा कि जस्टिस लोकुर ने इसे ठीक ही कहा क्या अंतिम किला भी ढह गया है?सरकार के इस कदम की आलोचना करने वाले न्यायमूर्ति मदन बी. लोकुर उन वरिष्ठ न्यायाधीशों के समूह का हिस्सा थे, जिन्होंने जनवरी 2018 में तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ संवाददाता सम्मेलन बुलाकर मोर्चा खोला था। हालांकि, विडंबना यह है कि पूर्व प्रधान न्यायाधीश गोगोई भी उस संवाददाता सम्मेलन का हिस्सा थे।

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सुरजेवाला ने कहा, क्या पीएम मोदी ने पूर्व प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की राज्यसभा के लिए सिफारिश करने से पहले अपने पूर्व सहकर्मी, कानून मंत्री और वित्तमंत्री दिवंगत अरुण जेटली की सलाह पर विचार किया था? जेटली ने एक बार कहा था कि कई बार फैसले सेवानिवृत्ति के बाद की नौकरियों से प्रभावित होते हैं।

जो सरकार के साथ वह राज्यसभा तक जा सकता है - सिब्बल
पूर्व कानून मंत्री और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) ने रंजन गोगोई को राज्यसभा के लिए नामित किए जाने पर कहा कि सरकार ने संदेश दिया है कि जो उसके साथ है वह राज्यसभा तक जा सकता है। जो साथ नहीं है तो उसका तबादला हो सकता है या फिर जांच बैठ सकती है।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।