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मोदी सरकार पर मनमोहन सिंह का हमला, कहा- डबल इंजन मॉडल हुआ फेल

मोदी सरकार पर मनमोहन सिंह का हमला, कहा- डबल इंजन मॉडल हुआ फेल

हाईलाइट

  • महाराष्ट्र ने आर्थिक मंदी के सबसे बुरे प्रभावों का सामना किया है
  • मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ रेट बीते चार सालों में लगातार गिर रही है
  • अनुच्छेद 370 एक अस्थायी उपाय है

डिजिटल डेस्क, मुंबई। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था की बदहाली के लिए सरकार की नीतियों को दोषी ठहराया है। पूर्व पीएम ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि, जिस डबल इंजन मॉडल पर बीजेपी वोट मांगती है, वह पूरी तरह फेल हो चुका है। महाराष्ट्र ने आर्थिक मंदी के सबसे बुरे प्रभावों का सामना किया है। राज्य की मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ रेट बीते चार सालों में लगातार गिर रही है।

पीएमसी बैंक मामला दुर्भाग्यपूर्ण

मनमोहन सिंह ने पीएमसी बैंक को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं महाराष्ट्र के सीएम, पीएम और वित्तमंत्री से इस मामले को देखने और प्रभावित 16 लाख लोगों की शिकायतों का समाधान करने की अपील करता हूं।

पिछली सरकार की कमजोरियों से सीखे

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के वक्त जो हुआ वह कमजोरियां थी। मौजूदा सरकार को इन कमजोरियों से सबक लेकर अर्थव्यवस्था की समस्यों को हल करना चाहिए। आप यह कहकर बच नहीं सकते कि ये यूपीए सरकार की देन है। 

अनुच्छे 370 का किया था समर्थन

पूर्व पीएम ने अनुच्छे 370 को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने धारा 370 को निरस्त करने के पक्ष में मतदान किया था। हमारा  मानना है कि अनुच्छेद 370 एक अस्थायी उपाय है, लेकिन अगर कोई बदलाव करना है तो जम्मू-कश्मीर के लोगों की सद्भावना साथ होनी चाहिए। यह जिस तरह से लागू किया गया, हमने उसका विरोध किया था। 

5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी मुश्किल

उन्होंने कहा कि 2024 तक 5 ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए, हर साल 10 से 12 फीसदी ग्रोथ चाहिए। अब हर वर्ष इकोनॉमी रेट कम हो रहा है। आईएमएफ ने भी अपने बयान में कहा कि भारत में इस साल सिर्फ 6.1 की बढ़त होगी, जबकि कुछ महीनों पहले यह 7.3% थी। इस तरह गिरावट से भारतीय अर्थव्यवस्था का 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचना मुश्किल है। 

महाराष्ट्र में बंद हुए सबसे ज्यादा कारखाने 

महाराष्ट्र में लगातार 4 वर्षों से विनिर्माण विकास दर घट रहा है। सिंह ने कहा कि महाराष्ट्र में पिछले पांच सालों में सबसे ज्यादा फैक्ट्रियों बंद हुई हैं। देश के सबसे बड़े ऑटो विनिर्माण केंद्र पुणे की स्थिति निराशजनक है। नागपुर, अमरावती, नासिक और औरंगाबाद के औद्योगिक क्षेत्रों में मंदी का प्रभाव पड़ा है। सिंह ने कहा कि पहले  महाराष्ट्र निवेश आकर्षित करने के मामले में प्रथम स्थान पर था। लेकिन अब प्रदेश किसान आत्महत्याओं में आगे है। महाराष्ट्र के सामने जो भी समस्याएं हैं, वह मानव निर्मित हैं। सिंह ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के वादे के बावजूद प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में संकट कम नहीं हो रहे। 

सावरकर का विरोध नहीं 

भाजपा के घोषणपत्र में स्वतंत्र वीर सावरकर को भारतरत्न देने की घोषणा पर सिंह ने कहा कि कांग्रेस सावरकर के खिलाफ नहीं है। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सावरकर पर डाक टिकट जारी किया था। पर कांग्रेस सावरकर के हिंदुत्व की विचारधारा का समर्थन नहीं कर सकती। भाजपा की ओर से विधानसभा चुनाव में राष्ट्रवाद का मुद्दा उछालने पर सिंह ने कहा कि कांग्रेस को भाजपा से देशभक्ति के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। कांग्रेस से ज्यादा देश भक्त कोई नहीं हो सकता। भारत की आजादी की लड़ाई में कांग्रेस के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। उस समय तो भाजपा और आरएसएस का कहीं नाम भी नहीं था। 

चीन बहुत होशियार है 

केंद्र की मोदी सरकार द्वारा चीन से दोस्ती का हाथ बढ़ाने को लेकर सिंह ने कहा कि चीन के लोग बहुत होशियार हैं। वे जानते हैं कि भारत को किस तरीके से फुसलाया जा सकता है। लेकिन भारत और चीन की सीमा के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच क्या बातचीत हुई है। इसका कोई बयान सामने नहीं आया है। जो चिंताजनक मुद्दे हैं उस पर तो कोई बातचीत नहीं होती है। बाकी मुद्दों पर चर्चा तो जुमले की तरह है जिसमें कोई तथ्य नहीं होते। 
 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।