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अब पैसे लेकर भागे तो जब्त होगी संपत्ति, पास हुआ भगौड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक

July 26th, 2018 13:20 IST

हाईलाइट

  • भगौड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक, 2018 बुधवार को राज्यसभा में पारित हो गया।
  • इस विधेयक में एजेंसियों को आर्थिक अपराधियों की संपत्ति जब्त करने का अधिकार दिया गया है।
  • पिछले गुरुवार को लोकसभा में ये बिल पास किया गया था। ये बिल अप्रैल 2018 में लाए गए अध्यादेश का स्थान लेगा।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बैंकों से कर्ज लेकर विदेश भाग जाने वाले आर्थिक अपराधियों पर शिकंजा कसने वाला भगौड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक, 2018 बुधवार को राज्यसभा में पारित हो गया। इस विधेयक में एजेंसियों को आर्थिक अपराधियों की संपत्ति जब्त करने का अधिकार दिया गया है। पिछले गुरुवार को लोकसभा में ये बिल पास किया गया था। ये बिल अप्रैल 2018 में लाए गए अध्यादेश का स्थान लेगा। दरअसल पिछले सत्र में विपक्ष के लगातार हंगामे की वजह से सरकार को विधेयक की जगह अध्यादेश लाना पड़ा था।
क्या कहा वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने?
वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, कानूनी प्रक्रिया से बचने के लिए देश छोड़कर भागने के मामले बढ़ रहे हैं, जिन्हें रोकना जरूरी है। इस समस्या से निपटने के लिए मौजूदा कानून में सख्ती के प्रावधान नहीं हैं। क्रिमिनल लॉ में भगोड़े अपराधियों की संपत्ति जब्त करने का अधिकार नहीं है। ऐसे लोगों से निपटने में नया बिल प्रभावी साबित होगा। इस कानून में यह प्रावधान किया गया है कि आर्थिक अपराध करने वाले भगोड़ों की देश के अंदर और बाहर सभी बेनामी संपत्तियां जब्त की जाएंगी। 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के मामलों के लिए विधेयक में प्रावधान किए गए हैं, जिसका मकसद बड़े आर्थिक अपराधियों पर ध्यान देना है। इसका मतलब यह नहीं है कि इससे कम राशि वाले मामलों में अपराधी कानूनी कार्रवाई से बाहर रहेंगे।

क्या-क्या है बिल में प्रावधान?

  • विधेयक में मनी लॉन्ड्र‍िंग एक्ट, 2002 के तहत एक विशेष कोर्ट का गठन करने का प्रावधान किया गया है।
  • ऐसे लोग जो बैंक से उधार पैसा लेकर विदेश भाग जाते हैं उनकी देश के भीतर और बाहर बेनामी संपत्ति जब्त हो जाएगी।
  • विशेष अदालत की तरफ से ऐसे लोगों को नोटिस जारी करने का प्रावधान इस बिल में किया गया है। हालांकि कोर्ट में वहीं मामले जाएंगे जो 100 करोड़ रुपए से ज्यादा के होंगे। ऐसा इसलिए किया जाएगा ताकि कोर्ट में केस का अंबार ना लगे।
  • जब्त की गई संपत्ति का निर्धारण करने के लिए एक एडमिनिस्ट्रेटर को नियुक्त किए जाने का प्रावधान किया गया है। 
  • इस कानून के दायरे में पूर्व में देश छोड़कर भागे आर्थिक अपराधी भी आएंगे।
  • विधेयक के प्रोविजन तीन में कहा गया है कि इस कानून के अस्तित्व में आने के दिन जो भी व्यक्ति भगौड़ा आर्थिक अपराधी है या भविष्य में भगौड़ा आर्थिक अपराधी बनता है उस पर यह कानून लागू होगा।
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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।