comScore

Gang Rape Case: निर्भया की मां का आरोप, दोषियों के वकील ने फांसी नहीं होने देने का दिया चैलेंज

Gang Rape Case: निर्भया की मां का आरोप, दोषियों के वकील ने फांसी नहीं होने देने का दिया चैलेंज

हाईलाइट

  • निर्भया की मां ने कहा- आखिर मुजरिम जो चाहते थे वो गया
  • निर्भया का पक्ष रखने वाली वकील ने कहा- न्याय में काफी देरी हो रही है
  • कोर्ट ने डेथ वारंट रद्द किया, राष्ट्रपति के पास विनय की दया याचिका

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। निर्भया गैंगरेप मामले में दोषियों की फांसी पर शुक्रवार को दिल्ली की पटियाला कोर्ट ने एक बार फिर रोक लगा दी है। कोर्ट के अगले आदेश तक चारों दोषियों को फांसी नहीं दी जा सकती है। इस फैसले पर निर्भया की मां काफी भावुक हो गईं और रोते हुए कहा कि दोषियों के वकील ने चुनौती दी थी कि यह फांसी अनंतकाल तक नहीं होगी और उन्होंने इसे सही साबित कर दिया है।

चारों को 23 वर्षीय पीड़िता से सामूहिक दुष्कर्म व हत्या के लिए दोषी करार दिया गया है। इन्हें पहले 22 जनवरी को फांसी दी जानी थी, लेकिन इसे एक फरवरी के लिए टाल दिया गया। इन्हें एक फरवरी शनिवार को फांसी दी जानी थी, लेकिन शुक्रवार को एक अदालत ने फांसी को फिर से टाल दिया।

आखिर मुजरिम जो चाहते थे वो गया: निर्भया की मां
कोर्ट परिसर में रोते हुए आशा देवी ने अपने बेटी के लिए लड़ाई जारी रखने की कसम खाई और कहा कि चारों दोषियों को फांसी दिए जाने तक वह चैन से नहीं बैठेंगी। उनका कहना है कि आखिर मुजरिम जो चाहते थे वो गया है। इस पर सरकार और कोर्ट दोनों को विचार करना चाहिए। अब तो ऐसा लग रहा है जैसे सभी लोग मुजरिमों का साथ दे रहे हैं। जब निर्भया की मां से सवाल किया गया कि क्या अभी भी आपको कानून पर विश्वास है तो उन्होंने कहा कि मैं कोर्ट के फैसले पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगी, लेकिन सरकार और कोर्ट को विचार करना चाहिए।

न्याय में काफी देरी हो रही है
इसके साथ ही निर्भया का पक्ष रखने वाली वकील के भी आंसू आ गए और उन्होंने कहा कि न्याय में काफी देरी हो रही है, लेकिन उन्होंने यह भी साफ किया कि जब तक निर्भया के दोषियों को फांसी नहीं हो जाती वो हार नहीं मानेंगी।

डेथ वारंट रद्द किया
बता दें कि निर्भया सामूहिक दुष्कर्म के चारों आरोपियों को आज सुबह फांसी होनी थी, लेकिन पटियाला हाउस कोर्ट ने शुक्रवार को अगले आदेश तक फांसी पर रोक लगा दी है। दोषियों के वकील एपी सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि कोर्ट ने अक्षय, विनय, पवन और मुकेश के डेथ वारंट को रद्द कर दिया है। 

राष्ट्रपति के पास विनय की दया याचिका 
सुनवाई के दौरान तिहाड़ जेल ने कोर्ट से कहा है कि चाहें तो एक फरवरी को तीन दोषियों को फांसी दी जा सकती है। वहीं, दोषियों के वकील एपी सिंह ने दलील दी कि फांसी पर अनिश्चितकाल के लिए रोक लगा देनी चाहिए, क्योंकि विनय की दया याचिका राष्ट्रपति के पास विचाराधीन है, जबकि अक्षय और पवन के कानूनी उपाय भी बाकी हैं। अक्षय की दया याचिका बाकी है। पवन ने अभी तक रिव्यू पिटीशन दाखिल नहीं की है।

कमेंट करें
PYgjz