comScore

40 मर्डर करने वाले मुन्ना बजरंगी की जेल में हत्या, प्रशासन में हड़कंप

September 08th, 2018 18:17 IST

हाईलाइट

  • उत्तर प्रदेश के कुख्यात डॉन मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में गोली मारकर हत्या
  • रविवार शाम को ही बजरंगी को झांसी से बागपत जेल लाया गया था
  • बजरंगी को कुख्यात सुनील राठी और विक्की सुनहेड़ा के साथ तन्हाई बैरक में रखा गया था।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कुख्यात डॉन मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। जेल में ही सजा काट रहे सुनील राठी ने डॉन मुन्ना बजरंगी को 10 गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। सोमवार सुबह इस हत्या को अंजाम दिया गया। रविवार शाम को ही बजरंगी को झांसी से बागपत जेल लाया गया था। बजरंगी को कुख्यात सुनील राठी और विक्की सुनहेड़ा के साथ तन्हाई बैरक में रखा गया था। जेल में हुई हत्या से प्रशासन और सरकार में हड़कंप मच गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने ज्युडिशियल जांच और जेलर समेत चार लोगों को सस्पेंड करने का आदेश दिया है। 

बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह ने 29 जून को मुन्ना बजरंगी के एकाउंटर की आशंका जाहिर करते हुए जान को खतरा बताया था। इससे पहले झांसी जेल में भी मुन्ना पर हमला हुआ था। मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा ने कहा था, "मेरे पति की जान को खतरा है। यूपी एसटीएफ और पुलिस उनका एनकाउंटर करने की फिराक में हैं। मुन्ना के पत्नी का आरोप था कि कुछ नेता उसके पति की हत्या करना चाहते थे। जेल में मुन्ना की हत्या के बाद पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। 

सुनील राठी ने की हत्या 

एडीजी जेल ने बताया कि मुन्ना बजरंगी और सुनील राठी के बीच विवाद था, जिसके चलते राठी ने बजरंगी की हत्या की। राठी को हिरासत में ले लिया गया है और पूछताछ की जा रही है। जेलर, डिप्टी जेलर, वार्डन और हेड वार्डन को सस्पेंड कर दिया गया है। 
मुन्ना की पत्नी सीमा का कहना था कि जेल में मुन्ना के खाने में जहर देने की कोशिश की गई थी। उनका दावा है कि सीसीटीवी फुटेज में भी इसकी रिकॉर्डिंग है, जिसमें एक एसटीएफ अधिकारी जेल में ही मुन्ना बजरंगी को मारने की बात कह रहे हैं। इसकी शिकायत कई अधिकारियों और न्यायालय से की, लेकिन कहीं से भी सुरक्षा नहीं मिली। उन्होंने यहां तक कहा था, "सिर्फ पति ही नहीं, पूरे परिवार पर जान का खतरा है। मेरे भाई की हत्या 2016 में की गई, लेकिन पुलिस ने इस मामले में सिर्फ टालमटोल कर केस बंद कर दिया। इसके बाद हमारे शुभचिंतक तारिक मोहम्मद की भी हत्या कर दी गई, लेकिन पुलिस खाली हाथ बैठी रही। सीमा ने पुलिस पर जांच न करने का आरोप लगाया है और कहा है कि पुलिस मेरे परिवार को परेशान करने का काम कर रही है। मुन्ना की माने तो उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश समते कई राज्यों में मुकदमे दर्ज थे। वह पुलिस के लिए परेशानी का सबब बन चुका था। उसके खिलाफ सबसे ज्यादा मामले यूपी में दर्ज हैं। 29 अक्टूबर 2009 को दिल्ली पुलिस ने मुन्ना को मुंबई के मलाड इलाके से गिरफ्तार किया था। ऐसा माना जाता है कि एनकाउंटर के डर से उसने खुद गिरफ्तारी करवाई थी।

पूर्वोंचल का सबसे खतरनाक आपराधी मुन्ना ने 1982 से क्राइम की दुनिया में अपना नाम बना चुका था। 1995 में यूपी एसटीएफ मुठभेड़ में मुन्ना गोली खा गया था लेकिन वह बच गया। इस बीच मुन्ना से मुख्तार अंसारी ने हाथ मिला लिया। जिसके बाद मुन्ना ने 2005 में मुहम्मदाबाद के बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की हत्या कर दी। राय की हत्या के बाद मुन्ना बजरंगी अपराध की दुनिया में दहशत का दूसरा नाम बन गया। अपने नाम के खौफ का इस्तेमाल करते हुए मुन्ना पर कोयला और स्क्रैप व्यापारियों से करोड़ों रुपये की रंगदारी लेने का भी इल्जाम लग चुका है। 2012 में मड़ियाहू विधानसभा चुनाव से वह चुनाव भी लड़ चुका है। जहां उसे करारी शिकस्त मिली। मुन्ना को आपराधिक कामों में दबंग गजराज सिंह का संरक्षण हासिल हो गया। इसके बाद उसने गजराज के इशारे पर ही जौनपुर के भाजपा नेता रामचंद्र सिंह की हत्या कर दी थी। मुन्ना ने 20 साल में चालीस लोगों को मौत के घाट उतार दिया था।


 

कमेंट करें
LeUaf