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जनरल रावत बोले- आर्मी ने POK में तबाह किए 3 कैंप, करीब 10 पाक सैनिक और आतंकी मारे गए

जनरल रावत बोले- आर्मी ने POK में तबाह किए 3 कैंप, करीब 10 पाक सैनिक और आतंकी मारे गए

हाईलाइट

  • पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत का बयान
  • 6-10 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और 3 ट्रेनिंग कैंप तबाह कर दिए गए
  • इस कार्रवाई में कई आतंकी भी मारे गए हैं

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय सेना की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई को लेकर सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत का बयान सामने आया है। बिपिन रावत ने कहा कि इस कार्रवाई में 6-10 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं, 3 आतंकी कैंप नष्ट हो गए हैं और चौथे कैंप को भी काफी हद तक नुकसान पहुंचा है। 20 के करीब आतंकी भी मारे गए हैं। उन्होंने कहा  रिपोर्ट बताती है कि आतंकवादियों के हताहत होने की जानकारी हमारे पास मौजूद जानकारी से कहीं अधिक है।

बिपिन रावत ने कहा कि जब से जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को निरस्त किया गया है, हमें राज्य में शांति और सद्भाव को बिगाड़ने के लिए सीमा पार से आतंकवादियों के घुसपैठ के बार-बार इनपुट मिल रहे हैं। हमारे पास जानकारी थी कि आतंकवादी फॉर्वर्ड एरिया में कैंपों के करीब आ  रहे हैं। पिछले 1 महीने में, हमने विभिन्न क्षेत्रों से आतंकवादियों की घुसपैठ के प्रयासों को रोका है।

सेना प्रमुख ने कहा, कल शाम को पाकिस्तान की ओर से तंगधार में आतंकवादियों की घुसपैठ की कोशिश कराई गई। इसके लिए पाक ने हमारी पोस्ट पर हमला किया जिसमें हमें नुकसान पहुंचा। लेकिन इससे पहले कि पाकिस्तान की कोशिश सफल हो पाती यह तय किया कि हम आतंकी कैंपों को निशाना बनाएंगे। हमारे पास इन ट्रेनिंग कैंपों के कॉर्डिनेट्स थे। हमने आतंकवादियों के इंफ्रास्ट्रक्चर को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। तंगधार सेक्टर के अपोजिट आतंकवादी ट्रेनिंग कैंप नष्ट कर दिए गए हैं।

बता दें कि पाकिस्तान की तरफ से शनिवार को की गई गोलीबारी में दो भारतीय जवान हवलदार पदम बहादुर श्रेष्ठ और राइफलमैन गामिल कुमार श्रेष्ठ शहीद हो गए। इस गोलीबारी में एक नागरिक की भी मौत हो गई थी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर के तंगधार सेक्टर में पाकिस्तानी सेना के संघर्ष विराम उल्लंघन के बाद की स्थिति पर सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत से बात की है। रक्षा मंत्री व्यक्तिगत रूप से स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और सेना प्रमुख से उन्हें अपडेट रखने के लिए कहा है।

पाकिस्तान की ओर से किए गए संघर्ष विराम उल्लंघन की संख्या में इस वर्ष बढ़ोतरी देखी गई है। जुलाई, अगस्त और सितंबर के महीनों में पिछले दो वर्षों में समान महीनों की तुलना में ज्यादा संघर्ष विराम उल्लंघन देखा गया। 2019 में जुलाई में 296 बार संघर्ष विराम उल्लंघन हुए हैं। जबकि अगस्त में 307 और सितंबर में 292 बार संघर्ष विराम उल्लंघन देखे गए। 2017 में जुलाई में 67 और 2018 में 13, अगस्त 2017 में 108 उल्लंघन और 2018 में 44। सितंबर 2017 और 2018 के लिए क्रमश: 101 और 102  बार संघर्ष विराम उल्लंघन देखे गए।

पिछले हफ्ते, उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने कहा था कि भारत के जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद पाकिस्तान आतंकवादियों के जरिए घाटी में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहा है। आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर अभी भी सीमा पार सक्रिय हैं और पाकिस्तान उन्हें हथियारों सहित सभी प्रकार के समर्थन प्रदान करने की कोशिश कर रहा है। 

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