दैनिक भास्कर हिंदी: पर्रिकर के ‘हाउ इज द जोश’ पूछने पर बोली कांग्रेस- पहले होश में आओ, फिर जोश दिखाओ

January 28th, 2019

हाईलाइट

  • गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने रविवार को राजधानी पणजी में अटल सेतु का उद्घाटन किया था।
  • पर्रिकर ने वहां मौजूद लोगों से पूछा था, हाउ इज द जोश?
  • पर्रिकर के इस बयान पर गोवा कांग्रेस के प्रेसिडेंट गिरिश चोदानकर ने उनपर निशाना साधा है।

डिजिटल डेस्क, पणजी। गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने रविवार को राजधानी पणजी में अटल सेतु का उद्घाटन किया था। इस दौरान वहां मौजूद लोगों से हाउ इज द जोश पूछने पर गोवा कांग्रेस के प्रेसिडेंट गिरिश चोदानकर ने पर्रिकर पर निशाना साधा है। गिरिश ने कहा कि मनोहर पर्रिकर पहले होश में आएं, इसके बाद जोश दिखाएं। बता दें कि पर्रिकर ब्रिज उद्घाटन के दौरान काफी कमजोर दिख रहे थे। उनके हाउ इज द जोश पर लोगों ने जोश के साथ 'हाई सर' कहते हुए जवाब दिया था। 

 

 

गिरिश ने कहा, 'मनोहर पर्रिकर को मालूम नहीं है कि गोवा में क्या हो रहा है। उनके विधानसभा क्षेत्र में पीने को पानी नहीं है, जॉब नहीं है और वह जोश की बात कर रहे हैं। यहां तक कि असेंबली भी नहीं चल रही है। मनोहर पर्रिकर और बीजेपी को पहले होश में आने दो, बाद में उन्हें पता चलेगा कि जोश कहां है। राज्य में संकट के बादल मंडरा रहे हैं। सिर्फ ब्रिज का उद्घाटन करने से जोश थोड़ी न आ जाएगा।' 

बता दें कि अटल सेतु ब्रिज के उद्घाटन के दौरान पर्रिकर की नाक में ड्रिप लगी हुई थी। पर्रिकर के वहां पहुंचते ही लोगों ने 'हमारा नेता कैसा हो, मनोहर पर्रिकर जैसा हो' के नारे लगाने शुरू कर दिए। पर्रिकर ने कहा कि मैं यहां अपना जोश आपको ट्रांसफर करूंगा। मैं यहां बैठकर आपसे कुछ बातें करूंगा। हालांकि इस दौरान उनकी आवाज काफी लड़खड़ा रही थी। 

बता दें कि अटल सेतु ब्रिज के निर्माण से लगभग 10 करोड़ लीटर ट्रीटेड पानी बचाया गया है। GSIDC के उपाध्यक्ष सिद्धार्थ कुंकालियेंकर ने कहा, 'पुल को बनाने में हमने क्वालिटी से कोई समझौता नहीं किया है। क्युरिक कंपाउंड के उपयोग से कंक्रीट की गुणवत्ता बढ़ाई गई है। इस ब्रिज में एंटी कार्बोनेशन पेंट इस्तेमाल किया गया है। इस ब्रिज की लाइफ 100 साल की है। हालांकि इसको समय समय पर देखरेख की भी जरूरत होगी।'