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Unlock-4: रिकवरी रेट 75 प्रतिशत से ज्यादा, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा- अभी देश में नहीं खुलेंगे स्कूल-कॉलेज 

Unlock-4: रिकवरी रेट 75 प्रतिशत से ज्यादा, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा- अभी देश में नहीं खुलेंगे स्कूल-कॉलेज 

हाईलाइट

  • अब तक हो चुकीं 3.6 करोड़ से ज्यादा लोगों की कोविड-19 जांच
  • प्रति दिन जांच की संख्या में हो रही है बढ़ोतरी
  • वैक्सीन को लेकर बात कर रहे हैं भारत और रूस

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस की स्थिति को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण, नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल और आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव देश में कोरोना की स्थिति को लेकर जानकारियां दीं। इस दौरान राजेश भूषण ने कहा कि सरकार ने अभी स्कूल-कॉलेज खोलने पर निर्देश नहीं दिए हैं। फैसला होने पर एसओपी जारी की जाएगी। 

स्कूल-कॉलेज खोले जाने को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि इस संबंध में अभी कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। राजेश भूषण ने कहा कि जो भी गतिविधियां शुरू होती हैं उनके लिए एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) जारी की जाती है। इसे लेकर जब भी फैसला होगा एसओपी जारी की जाएगी।

अब तक हो चुकीं 3.6 से ज्यादा कोविड-19 जांच
भूषण ने बताया कि अब तक देश में कोरोना वायरस की 3.6 करोड़ से ज्यादा जांच की जा चुकी हैं। इसके साथ ही 24 लाख से अधिक मरीज ठीक हो चुके हैं। अभी तक कोरोना की वजह से कुल 58,390 मौतें हुई हैं जिसमें 69 फीसदी पुरुष और 31 फीसदी महलाएं हैं। 36 फीसदी 45-60 आयु के और 51 फीसदी 60 और उससे ऊपर की आयु वर्ग वाले लोग हैं।
 
75% से ज्यादा हुआ रिकवरी रेट 
राजेश भूषण ने कहा- आज देश में रिकवर मामले एक्टिव केस की तुलना में 3.4 गुना ज्यादा हैं। एक्टिव केस कुल मामलों का केवल 22.2% हैं। रिकवरी दर अब 75% से ज्यादा है। 24 घंटों में एक्टिव मामलों में 6423 की गिरावट दर्ज हुई है। कुल एक्टिव मामलों में से कुल 2.70% मामले ही ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। एक्टिव मामलों में से 1.92% मरीज ही आईसीयू में है और 0.29% वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं।

कुल मौतों में 69% पुरुष
स्वास्थ्य सचिव ने कहा- अभी तक कोरोना की वजह से कुल 58,390 मौतें हुई हैं। इनमें से 69% पुरुष और 31% महलाएं हैं। 36% 45-60 आयु के और 51% 60 और उससे ऊपर की आयु वर्ग वाले लोग हैं। साथ ही कहा- जहां तक ​​स्पुतनिक-5 वैक्सीन (रूस में विकसित कोविड-19 वैक्सीन) का संबंध है, भारत और रूस बात कर रहे हैं। कुछ जानकारी साझा की गई है।

प्रति दिन जांच की संख्या में हो रही है बढ़ोतरी
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक प्रो. डॉ. बलराम भार्गव ने कहा कि प्रति दिन जांच की संख्या बढ़ रही है। 30 जनवरी को 10 टेस्ट प्रति दिन हो रहे थे तो 15 मार्च को 1000 टेस्ट प्रति दिन हो रहे थे। 15 मई को यह आंकड़ा 95,000 टेस्ट प्रति दिन था। 21 अगस्त को हम 10 लाख टेस्ट प्रति दिन के लैंडमार्क पर पहुंच गए हैं।

वैक्सीन को लेकर बात कर रहे हैं भारत और रूस
वैक्सीन को लेकर भूषण ने कहा कि जहां तक स्पुतनिक-5 वैक्सीन (रूस में विकसित COVID-19 वैक्सीन) का संबंध है, भारत और रूस बात कर रहे हैं। कुछ प्रारंभिक जानकारी साझा की गई है। वहीं, भार्गव ने कहा, 'मैं ये नहीं कहूंगा कि युवा या बुजुर्ग लोग बल्कि गैर-जिम्मेदार, कम सतर्क लोग जो मास्क नहीं पहन रहे हैं भारत में महामारी को चला रहे हैं।' भार्गव ने कहा कि हमने हांगकांग में एक व्यक्ति के कोरोना से दोबारा संक्रमित होने की रिपोर्ट पढ़ी है। यह कई कारकों पर निर्भर हो सकता है। यह मरीज के प्रतिरक्षा तंत्र की स्थिति से संबंधित हो सकता है या हो सकता है कि वायरस म्यूटेट हुआ हो। हमें इस पर गहन अध्ययन करने की जरूरत है लेकिन यह बहुत चिंता की बात नहीं है। 

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