दैनिक भास्कर हिंदी: झारखंड की राजनीति के नायक बने हेमंत, बोले- आज जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के संकल्प का दिन

December 24th, 2019

हाईलाइट

  • गठबंधन के लिए मुख्यमंत्री के तौर पर पहली और आखिरी पसंद हेमंत सोरेन
  • JMM कांग्रेस की मदद से अल्पसंख्यक वोटों को अपने पक्ष में करने में कामयाब रही

डिजिटल डेस्क, रांची। झारखंड विधानसभा के चुनाव परिणामों से स्पष्ट हो गया है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) की अगुवाई वाले गठबंधन की सरकार बनेगी। इसके साथ ही हेमंत सोरेन, झारखंड का अगला मुख्यमंत्री बनने की ओर अग्रसर हैं। वे अपने राजनीतिक करियर में दूसरी बार मुख्यमंत्री बनेंगे। ऐसे में सीएम कैंडिडेट हेमंत सोरेन पिता शिबू सोरेन से मिलने पहुंचे और उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद पत्रकारों से चर्चा में हेमंत ने कहा कि यह परिणाम पिता के समर्पण और परिश्रम का नतीजा हैं। आज जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के संकल्प का दिन है।

2019 के चुनाव में सोरेन अपनी राजनीतिक पार्टी के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए लड़ रहे थे। एग्जिट पोल ने त्रिशंकु विधानसभा का अनुमान जताया था, लेकिन सोरेन मतदाताओं को झामुमो की तरफ खींचने में कामयाब रहे, खास तौर से जनजातीय क्षेत्र में।

कांग्रेस ने पीछे रहकर जेएमएम अध्यक्ष को समर्थन दिया

कांग्रेस ने झारखंड में जेएमएम अध्यक्ष को समर्थन दिया और खुद पीछे रही, यानी नेतृत्व सोरेन ने किया। पार्टी के झारखंड प्रभारी आरपीएन सिंह ने रांची में शुक्रवार को कहा था कि हेमंत सोरेन गठबंधन के लिए मुख्यमंत्री के तौर पर पहली और आखिरी पसंद हैं। झारखंड के कांग्रेस प्रभारी आरपीएन सिंह ने मीडिया से कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है। हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री होंगे। हमने उन्हें (सोरेन) भरोसा दिया है।

राज्य के तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं हेमंत के पिता शिबू 

झामुमो कांग्रेस की मदद से अल्पसंख्यक वोटों को अपने पक्ष में करने में कामयाब रहा और झारखंड विधानसभा में महागठबंधन की कुल सीटों को बढ़ाने में भी उसकी मदद मिली। झामुमो के संस्थापक शिबू सोरेन के बेटे हेमंत सोरेन ने भाजपा के प्रचार अभियान से स्थानीय मुद्दों को दरकिनार नहीं होने दिया। हेमंत सोरेन के प्रयासों को सफलता मिली और झारखंड विधानसभा चुनाव में वह पूरी तरह से एक नायक के तौर पर उभरे। हेमंत के पिता शिबू राज्य के तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं। एक बार तो वह सिर्फ 10 दिन के लिए मुख्यमंत्री बने थे।

हेमंत ने कहा मतदाताओं को धन्यवाद, किसी का भरोसा नहीं टूटने दूंगा

झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने इस जनादेश का सम्मान करते हुए सभी मतदाताओं को धन्यवाद दिया है। उन्होंने झारखंड में किसी की उम्मीद नहीं टूटने का भरोसा देते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि जिस लिए झारखंड राज्य बना था, उस उद्देश्य को पूरा किया जाए। रांची में पत्रकारों से बातचीत में हेमंत सोरेने ने इस परिणाम को पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के अध्यक्ष शिबू सोरेन के परिश्रम और समर्पण का परिणाम बताया। उन्होंने इस परिणाम के लिए गठबंधन में शामिल राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को धन्यवाद दिया। उन्होंने इस जनादेश का सम्मान करने की बात करते हुए कहा, अभी कई चीजें स्पष्ट हुई हैं, जबकि कई चीजें अभी अस्पष्ट हैं। जल्द ही गठबंधन के अन्य साथियों के साथ मिल बैठकर आगे की बातें तय कर ली जाएंगी।

रघुवर बोले- यह मेरी हार होगी, भाजपा की नहीं 

झारखंड विधानसभा की 81 सीटों पर चल रही मतगणना के बीच झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि वह जनादेश का सम्मान करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि हार होती है, तो यह हार उनकी होगी, भाजपा की नहीं। रांची में पत्रकारों से बातचीत में दास ने कहा कि इस चुनाव में अब तो जो भी जनादेश आ रहा है, उसको स्वीकार करता हूं। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में मिले जनादेश के मुताबिक उन्होंने राज्य में विकास के कार्य करने की कोशिश की और लोगों की सेवा करने का काम किया। मुख्यमंत्री ने आगे कहा, अंतिम परिणाम आना बाकी है। नतीजों में फेरबदल की गुंजाइश बची हुई है। इस चुनाव में यदि हार होती है तो यह भाजपा की नहीं मेरी हार होगी। मतगणना के रुझानों के मुताबिक, रघुवर दास अपने निर्वाचन क्षेत्र जमशेदपुर (पूर्वी) से पीछे चल रहे हैं। इस संबंध में उन्होंने हालांकि कहा कि जमशेदपुर पूर्वी से उनकी जीत तय है। अभी कई चक्र की गिनती शेष है।