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Coronavirus Meeting: सीएम केजरीवाल के साथ बैठक के बोले शाह- दिल्ली में दो दिनों में डबल होगी कोरोना टेस्टिंग, 6 दिन बाद की जाएगी ट्रिपल

Coronavirus Meeting: सीएम केजरीवाल के साथ बैठक के बोले शाह- दिल्ली में दो दिनों में डबल होगी कोरोना टेस्टिंग, 6 दिन बाद की जाएगी ट्रिपल

हाईलाइट

  • भारत में कोरोनावायरस का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है
  • दिल्ली देश का दूसरा राज्य है जो कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित
  • गृहमंत्री अमित शाह की दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ बैठक

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत में कोरोनावायरस का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। यहां संक्रमित मरीजों की संख्या तीन लाख 20 हजार के पार पहुंच गई है। दिल्ली देश का दूसरा राज्य है जो कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित है। ऐसे में गृहमंत्री अमित शाह और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन आज दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ मीटिंग कर स्थिति की समीक्षा की। डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया भी मीटिंग में मौजूद थे। मीटिंग में दिल्ली में दो दिनों में डबल कोरोना टेस्टिंग और 6 दिन बाद ट्रिपल करेन सहित कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बता दें कि दिल्ली में कोरोनावायरस के एक्टिव केसों की संख्या 22,700 के करीब है जबकि 1271 लोगों की मौत हो चुकी है।

करीब डेढ़ घंटे चली मीटिंग के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने बताया कि बैठक में दिल्ली की जनता की सुरक्षा और संक्रमण को रोकने के लिए कई महत्तवपूर्ण निर्णय लिए। दिल्ली में कोरोना से संक्रमित मरीजों के लिए बेड की कमी को देखते हुए केंद्र की मोदी सरकार ने तुरंत 500 रेल्वे कोच दिल्ली को देने का निर्णय लिया है। इन रेलवे कोच से न सिर्फ दिल्ली में 8000 बेड बढ़ेंगे बल्कि यह कोच कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए सभी सुविधाओं से लेस होंगे।

दिल्ली के कन्टेनमेंट जोन में कॉन्टेक्ट मैपिंग (Contact mapping) अच्छे से हो पाए इसके लिए घर-घर जाकर हर एक व्यक्ति का व्यापक स्वास्थ्य सर्वे किया जायेगा, जिसकी रिपोर्ट 1 सप्ताह में आ जाएगी। साथ ही अच्छे से मोनिटरिंग हो इसके लिए वहां हर व्यक्ति के मोबाइल में आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करवाई जाएगी। दिल्ली में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए अगले दो दिन में कोरोना की टेस्टिंग को बढाकर दो गुना किया जायेगा और 6 दिन बाद टेस्टिंग को बढाकर तीन गुना कर दिया जायेगा। साथ ही कुछ दिन के बाद कन्टेनमेंट जोन में हर पोलिंग स्टेशन पर टेस्टिंग की व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी।

दिल्ली के छोटे अस्पतालों तक कोरोना के लिए सही जानकारी व दिशा निर्देश देने के लिए मोदी सरकार ने AIIMS में टेलिफोनिक गाइडेंस (Telephonic guidance) के लिए वरिष्ठ डॉक्टर्स की एक कमेटी बनाने का निर्णय लिया है। जिससे नीचे तक सर्वश्रेष्ठ प्रणालियों का संचार किया जा सके। इसका हेल्पलाइन नंबर कल जारी हो जाएगा। दिल्ली के कोरोना संक्रमण के इलाज के लिए निजी अस्पतालों के कोरोना बेड में से 60% बेड कम रेट में उपलब्ध कराने, कोरोना उपचार व कोरोना की टेस्टिंग के रेट तय करने के लिए डॉ. पॉल की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गयी है जो कल तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

कोरोना से भारत पूरी मजबूती से लड़ रहा है और इस संक्रमण से अपनी जान गंवाने वाले लोगों के लिए सरकार दुखी भी है और उनके परिजनों के प्रति संवेदनशील भी है। सरकार ने अंतिम संस्कार के लिए नई गाइडलाइन्स जारी करने का निर्णय लिया है, जिससे अंतिम संस्कार की प्रतीक्षा अवधि कम कम हो जाएगी। भारत सरकार ने दिल्ली सरकार को इस महामारी से लड़ने के लिए आवश्यक संसाधन जैसे ऑक्सीजन सिलिंडर, वेंटीलेटर, पल्स ऑक्सीमीटर व् अन्य सभी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पुर्णतः आश्वस्त किया है।

केंद्र सरकार ने दिल्ली में कोरोना संक्रमण को रोकने व इससे मजबूती से लड़ने के लिए दिल्ली सरकार को भारत सरकार के और पांच वरिष्ठ अधिकारी देने का निर्णय किया है। इन सभी प्रमुखों निर्णयों के साथ आज की बैठक में कई और निर्णय लिए गए। साथ ही केंद्र व दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग, सभी सम्बंधित विभाग व् एक्सपर्ट्स को आज किये गए सभी निर्णय नीचे तक अच्छे से अमल हो यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। 

अमित शाह और सीएम केजरीवाल के बीच दूसरी मीटिंग
महामारी को लेकर एक हफ्ते से भी कम समय में अमित शाह और अरविंद केजरीवाल के बीच यह दूसरी मीटिंग है। आज सुबह 11 बजे शुरू हुईं बैठक में उपराज्यपाल अनिल बैजल, एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया और एसडीएमए (राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, केंद्रीय गृह) के सदस्य भी शामिल थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश में COVID-19 संक्रमण में तेजी को लेकर अमित शाह, डॉ. हर्षवर्धन और अन्य मंत्रियों से मुलाकात की थी। उन्होंने दिल्ली सहित अन्य केंद्र शासित प्रदेशों और राज्यों की स्थिति पर चर्चा की थी, जहां कोरोनोवायरस के मामले बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।