दैनिक भास्कर हिंदी: ममता सरकार के खिलाफ कैसे गोल दागने में जुटे हैं बीजेपी आईटी सेल हेड अमित मालवीय?

May 10th, 2020

हाईलाइट

  • ममता सरकार के खिलाफ कैसे गोल दागने में जुटे हैं बीजेपी आईटी सेल हेड अमित मालवीय?

नई दिल्ली, 10 मई(आईएएनएस)। भाजपा के आईटी सेल ने कोरोनावायरस से निपटने के मुद्दे पर पिछले कुछ दिनों से पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर आक्रमण कर रखा है। पश्चिम बंगाल सरकार को इन दिनों गोल पोस्ट मानकर भाजपा के आईटी सेल हेड अमित मालवीय लगातार सवालों का गोल दागने में जुटे हैं।

अक्सर अपनी सोशल मीडिया फोर्स के जरिए कांग्रेस के खिलाफ मुहिम छेड़ने वाले अमित मालवीय ने अब ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। पिछले कुछ दिनों से उनके 80 प्रतिशत ट्वीट पश्चिम बंगाल और ममता बनर्जी सरकार से जुड़े होते हैं। माना जा रहा है कि राज्य में 2021 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए वह पार्टी के लिए माहौल बनाने में जुटे हैं। पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस से निपटने से जुड़ी सरकार की हर लापरवाही को वह ट्वीट के जरिए राष्ट्रीय स्तर पर बहस का मुद्दा बनाने की कोशिश करते हैं।

पश्चिम बंगाल में भाजपा के एक प्रदेश सचिव ने आईएएनएस से कहा, अमित मालवीय की मुहिम ने ममता बनर्जी सरकार की उस छवि को तार-तार कर दिया है, जिसे प्रशांत किशोर ने हाल-फिलहाल में बड़ी मेहनत से तैयार किया था। कभी हाथ में चूना लेकर सड़कों पर सोशल डिस्टेंसिंग की रेखा खींचने वालीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अब जनता का सामना करने से बच रहीं हैं। प्रेस कांफ्रेंस भी नहीं कर रहीं हैं।

भाजपा के प्रदेश सचिव ने कहा कि बगैर पीपीई किट के काम कर रहे डॉक्टर पश्चिम बंगाल सरकार की नीतियों से नाराज हैं। स्थानीय मीडिया सरकार के दबाव के कारण उनकी समस्याएं ठीक से नहीं उठा पा रहा है तो सोशल मीडिया पर उन आवाजों को बुलंद करने में आईटी सेल ने अहम भूमिका निभाई है। राज्य सरकार के खिलाफ एक माहौल तैयार हो गया है।

बीजेपी आईटी सेल हेड अमित मालवीय आईएएनएस से कहते हैं, पश्चिम बंगाल में सरकार लगातार कोरोना से जुड़े आंकड़ों को छुपाने की कोशिश कर रही है। क्योंकि राज्य में जिस तेजी से संक्रमण फैल रहा है, सरकारी व्यवस्था उसे रोकने में नाकाम साबित हो रही है। एक नई कई मोर्चे पर लापरवाहियां सामने आ रही हैं। ममता सरकार वोट बैंक से प्रेरित होकर तब्लीगी जमात के लोगों की शिनाख्त नहीं कर रही है। कुछ विशेष इलाकों में वोट बैंक की राजनीति के तहत लॉकडाउन में ढील दी गई है।

मालवीय ने कहा, यह ममता बनर्जी सरकार की नाकामी ही है, जिसके कारण डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को पीपीई किट आदि सुविधाएं नहीं मिल रहीं हैं। जब पश्चिम बंगाल सरकार ने सरकारी व्यवस्थाओं की पोल खोलने वाली खबरें चलाने के लिए स्थानीय मीडिया पर पाबंदी लगा रखी है, तब हमने इन समस्याओं को प्रमुखता से और प्रभावी ढंग से रखा है। ताकि सबको सच पता चले।

अमित मालवीय ने कहा, बंगाल सरकार की आलोचना तथ्यों पर आधारित है। लगातार खुल रही पोल के कारण मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अब सवालों का जवाब देने की जगह प्रेस कांफ्रेंस करने से बच रहीं हैं। ममता बनर्जी सरकार जिस ढिलाई से इस वैश्विक महामारी से लड़ रही है, उससे राज्य की जनता नाखुश है।

क्या 2021 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए ममता बनर्जी सरकार की घेराबंदी चल रही है? इस सवाल को अमित मालवीय खारिज करते हैं। उनका कहना है कि संकट की इस घड़ी में पश्चिम बंगाल की जनता के साथ राज्य सरकार खिलवाड़ कर रही है। ऐसे में राज्य सरकार की लापरवाहियों को लेकर सवाल खड़े करने को राजनीतिक से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

बीजेपी आईटी सेल हेड अमित मालवीय के ट्विटर टाइमलाइन पर जाएं तो यहां ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ सिलसिलेवार ट्वीट मिलते हैं। मसलन, बीते एक मई को अमित मालवीय ने दो पत्रों के जरिए पश्चिम बंगाल सरकार पर कोरोना के मामलों की अंडर रिपोटिर्ंग के लिए घेरा। उन्होंने 30 अप्रैल को पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव को लिखे पत्र के आंकड़े और उसी दिन राज्य के हेल्थ बुलेटिन में आंकड़ों पर भिन्नता बताते हुए सवाल खड़े किए। अमित मालवीय ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय को लिखे पत्र में ममता बनर्जी सरकार ने 931 केस होने की बात कही थी, जबकि राज्य के बुलेटिन में यह आंकड़ा सिर्फ 744 था।

अमित मालवीय ने इससे पहले एक ट्वीट में ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ डॉक्टरों के आक्रोश के मुद्दे को उठाया था। एसोसिएशन ऑफ हेल्थ सर्विस डॉक्टर्स के राज्य के प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को लिखे पत्र के जरिए उन्होंने ममता बनर्जी सरकार को कटघरे में खड़ा किया था।

अमित मालवीय ने इस ट्वीट में कहा था कि उत्तरी बंगाल के कोरोना संक्रमितों को सिलीगुड़ी ले जाया जा रहा है। इसका मतलब यही है कि उत्तरी बंगाल में कोविड 19 अस्पताल केवल कागजों पर बना है हकीकत में नहीं। अमित मालवीय ने उत्तरी बंगाल में वायरोलॉजिस्ट और श्वसन चिकित्सा विशेषज्ञों की नियुक्ति न किए जाने को लेकर भी सवाल उठाए।

बता दें कि भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और पश्चिम बंगाल प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर राज्य में कोरोना वायरस संक्रमितों और मौतों से जुड़े आंकड़े में छेड़छाड़ का आरोप लगा चुके हैं।