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Sushant Singh Death: सुशांत केस को ट्रांसफर करने की मांग तेज, फडणवीस ने कहा- जनता चाहती है मौत की CBI जांच हो


हाईलाइट

  • सुशांत की मौत के मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग तेज
  • देवेन्द्र फडणवीस ने भी इस मामले को CBI को ट्रांसफर करने का समर्थन किया

डिजिटल डेस्क, मुंबई। सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग लगातार की जा रही है। अब महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने भी इस मामले को सीबीआई को ट्रांसफर करने का समर्थन किया है। फडणवीस ने ट्वीट करते हुए कहा, 'सुशांत सिंह राजपूत के मामले को सीबीआई को सौंपने के बारे में एक विशाल जन भावना है, लेकिन राज्य सरकार की अनिच्छा को देखते हुए, कम से कम ईडी एक ईसीआईआर दर्ज कर सकता है, क्योंकि गलतफहमी और मनी लॉन्ड्रिंग का एंगल सामने आया है।' 

14 जून को घर में मृत पाए गए थे सुशांत
बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत बीते 14 जून को उनके मुंबई स्थित घर में मृत पाए गए थे। सुशांत के केस को सीबीआई को ट्रांसफर करने की मांग लंबे समय से की जा रही है। सुशांत के पिता भी मुंबई पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं थे इसी वजह से उन्होंने पटना के राजीव नगर थाने में 25 जुलाई को इस मामले की जांच के लिए सुशांत की गर्लफ्रेंड रही रिया चक्रवर्ती समेत 6 के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। हालांकि इसके बाद रिया ने 29 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके पटना में दायर किए गए मुकदमे को मुंबई ट्रांसफर किए जाने का अनुरोध किया था।

रिया चक्रवर्ती ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका में कहा है कि उन पर जो भी आरोप लगाए गए हैं वो झूठे हैं। रिया ने कहा, सुशांत सिंह डिप्रेशन के शिकार थे और डिप्रेशन की दवा ले रहे थे। उन्होंने कहा, सुशांत की मौत के बाद उन्हें हत्या से लेकर रेप तक की धमकी मिल चुकी है। उन्होंने इसकी शिकायत मुंबई पुलिस से भी की थी। रिया का कहना है कि बिहार में मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हो सकेगी इसलिए केस को मुंबई ट्रांसफर किया जाए।

सुशांत के पिता और बिहार सरकार ने कैविएट दाखिल की
सुशांत सिंह राजपूत के पिता केके सिंह और बिहार सरकार ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल की और बॉलीवुड अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती की याचिका पर कोई भी आदेश पारित करने से पहले सुनवाई की मांग की। मशहूर वकील और पूर्व एटॉर्नी जेनरल मुकुल रोहतगी सुप्रीम कोर्ट में बिहार सरकार का पक्ष रखेंगे। कैविएट एक प्रकार की याचिका है जिसमें कोर्ट एप्लिकेंट को बिना नोटिस भेजे विपक्षी पार्टी को कोई भी रिलीफ या एक्शन नहीं लेती।

सुशांत केस में ED की भी एंट्री
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को बिहार पुलिस को पत्र लिखकर सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में दर्ज FIR की कॉपी मांगी है। ED सुशांत के धन और उनके बैंक खातों के कथित दुरुपयोग के आरोपों की जांच करना चाहती है। दरअसल, सुशांत के पिता ने आरोप लगाया है कि उनके पुत्र के बैंक खाते से कम से कम 15 करोड़ रुपये अज्ञात खाते में ट्रांसफर किए गए हैं।

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।