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वेब सीरीज 'तांडव' पर धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप, सरकार ने Amazon Prime से मांगी सफाई

January 18th, 2021 12:55 IST

हाईलाइट

  • अमेजन प्राइम की वेब सीरीज 'तांडव' को लेकर जमकर बवाल
  • वेब सीरीज 'तांडव' पर धार्मिक भवनाएं भड़काने का आरोप
  • सरकार ने Amazon Prime से मांगी सफाई

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेजन प्राइम की वेब सीरीज 'तांडव' को लेकर जमकर बवाल मचा है। इस पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप लग रहे हैं। कई संगठन और बीजेपी नेता इसे बैन करने की मांग कर रहे हैं। इस बीच सूचना प्रसारण मंत्रालय वेब सीरीज के कंटेंट को लेकर अमेजन से सफाई मांगी है और सोमवार को जवाब देने के लिए कहा है।

क्यों हो रहा तांडव का विरोध?
सोशल मीडिया पर वेब सीरीज का एक सीन वायरल हो रहा है। इसमें कॉलेज में हो रहे एक प्ले में मोहम्मद जीशान अयूब भगवान शिव की भूमिका निभाते नजर आ रहे हैं। लेकिन इसे बड़े मजाकिया अंदाज में पेश किया गया है। इतना ही नहीं एक बारगी वे गाली देते भी सुने जा सकते हैं। बता दें कि ये वेब सीरीज शुक्रवार को रिलीज हुई है। इसमें सैफ अली खान-डिंपल कपाड़िया और अली जीशान आयूब जैसे कलाकार है।

हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई
बीजेपी सांसद मनोज कोटक ने कहा, इस सीरीज के जरिए हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई जा रही है। सीरीज के मेकर्स और एक्टर्स के खिलाफ जल्द ही मामला दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने इस मसले पर सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर को पत्र भी लिखा था। वहीं बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने ट्वीट करते हुए कहा, 'ये अली अब्बास, सैफ अली खान, आरिफ, जीशान को अपने खुद के धर्म से इतनी नफरत क्यो हैं बचपन से जिस धर्म का पालन कर रहे हो कभी उस पर भी फ़िल्म बनाओ ना भाई जान'।

महाराष्ट्र में बीजेपी के विधायक राम कदम ने सैफ अली खान पर निशाना साधते हुए कहा कि वो एक बार फिर से उस वेब सीरीज का हिस्सा बने हैं, जिसमें हिंदू भावनाओं को चोट पहुंचाई जा रही है। उन्होंने इस बाबत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

अयोध्या के महंत राजू दास ने ‘तांडव’ वेब सीरीज पर विरोध जताते हुए कहा कि, 'आखिरकार क्यों? हर बार फिल्मों और वेब सीरीज में हिन्दू देवी देवताओं को अपमानित करने का काम किया जाता है। ताजा उदाहरण नई वेब सीरीज ‘तांडव’ है। सैफ अली खान एक बार फिर ऐसी सीरीज का हिस्सा है जो हिन्दू भावनाओं को ठेस पहुंचाता है। डायरेक्टर अली अब्बास जफर को सिरीज से भगवान शिव का मजाक बनाने वाला हिस्सा हटाना होगा। एक्टर जीशान अयूब को माफी मांगनी होगी। जब तक जरूरी बदलाव नहीं होते तांडव का बहिष्कार किया जाएगा'।
 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।