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कन्फर्म रेलवे सीट न मिलने पर कर सकेंगे विमान से सफर

September 22nd, 2020 16:31 IST
 कन्फर्म रेलवे सीट न मिलने पर कर सकेंगे विमान से सफर

हाईलाइट

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नई दिल्ली, 22 सितंबर (आईएएनएस)। देश में रेलवे से टिकट बुक करने के बाद आपको कन्फर्मेशन का इंतजार करना होता है। वहीं आपको टिकट कैंसल भी करनी पड़ती है, जिसकी वजह से यात्रियों के सफर पर असर पड़ता है। मुंबई स्थित स्टार्टअप रेलोफाये ने भारत की पहली वेस्टलिस्ट और आरएसी प्रोटेक्शन सेवा शुरू की है, जो भारत में बकाया वेटलिस्ट समस्या से निपट रही है।

यात्रियों को लंबा सफर तय करने के लिए फ्लाइट या ट्रेन ही दो विकल्प रहते हैं। लेकिन अक्सर फ्लाइट का टिकट थोड़ा महंगा होने के चलते यात्री ट्रेन से ही सफर करना पसंद करते हैं। इसके बाद आपको चार्ट तैयार होने की प्रतीक्षा करनी पड़ती है और यदि टिकट कन्फर्म नहीं होती है तो यात्रा रद्द करनी पड़ती है।

एक यात्री दीपिका अग्रवाल ने आईएएनएस को बताया, मुंबई से दिल्ली तक सफर करना था और हमारे 6 लोगों के टिकट वेटलिस्ट के थे। हमारे टिकट आखिरी वक्त में भी कन्फर्मेशन नहीं हुए। इसके बाद हमने इस एप के माध्यम से अपना सफर पूरा किया।

दरअसल, यात्री को रेलोफाई की वेबसाइट या एप पर जाकर, अपने टिकट का पीएनआर नंबर डालना होगा। वहीं यात्री को एक शुल्क जमा करना होगा, जो हर यात्रा के हिसाब से तय किया गया है।

इसके बाद रेलोफाये यात्री के वेटलिस्ट टिकट को ट्रैक करता रहता है। यदि यात्री का टिकट कन्फर्म नहीं होता, तो रेलोफाये यात्री को फ्लाइट का टिकट देकर उसकी यात्रा पूरी करवाता है। वहीं यात्री को ट्रेन के ही दाम पर विमान से यात्रा करने का मौका मिलता है।

दीपिका ने आगे कहा, जैसा कि बता चुकी हूं, हमारे 6 टिकट वेटलिस्ट में थे। उस समय तत्काल टिकट का दाम 4000 था और मार्केट में फ्लाइट का एक टिकट 5000 रुपये का पड़ रहा था। हमने रेलोफाये से वेटलिस्ट प्रोटेक्शन लिया था। चार्ट बनने के बाद हमें सिर्फ 2000 रुपये में फ्लाइट का टिकट मिल गया।

रेलोफाये की संस्थापक टीम से रोहन ने आईएएनएस को बताया, लगभग 30 करोड़ भारतीय हर साल रेलवे की वेटलिस्ट से जूझते हैं। हम चाहते हैं कि यात्री को अपने सफर में कोई परेशानी न हो। जनवरी 2020 से हमने इसे शुरू किया और पहले कुछ महीने में ही करीब 100 यात्रियों ने हमारे माध्यम से अपना सफर पूरा किया।

उन्होंने बताया, रेलोफाये की सेवा अभी देश में चल रहीं सभी ट्रेनों और क्लासेस के लिए उपलब्ध है। वहीं कोरोना महामारी के दौरान प्रवासी मजदूरों ने हमारी सुविधा का लाभ उठाया। जो लोग काम पर फिर से लौट रहे हैं, वे भी हमारे माध्यम से अपना सफर पूरा कर रहे हैं।

रोहन ने कहा कि जिन यात्रियों का गांव एयरपोर्ट से दूर है, रेलोफाये उन्हें उनके घर से एयरपोर्ट तक पहुंचाने की सुविधा भी देता है।

उन्होंने कहा कि हालांकि रेलोफाये लंबे सफर को आसान बनाने के साथ ही छोटे मार्गो के लिए बस सुविधा भी देना शुरू कर रहा है, ताकि यात्रियों को कम से कम परेशानी हो।

एमएसके/एसजीके

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। टोक्यो ओलंपिक का काउंटडाउन शुरु हो चुका हैं। 23 जुलाई से शुरु होने जा रहे एथलेटिक्स त्यौहार में भारतीय दल इस बार 120 खिलाड़ियों के साथ 18 खेलों में दावेदारी पेश करेगा। बता दें 81 खिलाड़ियों के लिए यह पहला ओलंपिक होगा। 120 सदस्यों के इस दल में मात्र दो ही खिलाड़ी ओलंपिक पदक विजेता हैं। पी.वी सिंधू ने 2016 रियो ओलंपिक में सिल्वर तो वहीं मैराकॉम ने 2012 लंदन ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।

भारत पहली बार फेंनसिग में चुनौता पेश करेगा। चेन्नई की भवानी देवी पदक की दावेदारी पेश करेंगी। भारत 20 साल के बाद घुड़सवारी में वापसी कर रहा है, बेंगलुरु के फवाद मिर्जा तीसरे ऐसे घुड़सवार हैं जो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। 

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युवा कंधो पर दारोमदार

टोक्यो ओलंपिक में भाग लेने जा रहे भारतीय दल में अधिकतर खिलाड़ी युवा हैं। 120 खिलाड़ियों में से 103 खिलाड़ी 30 से भी कम आयु के हैं। मात्र 17 खिलाड़ी ही 30 से ज्यादा उम्र के होंगे। 

भारतीय दल में 18-25 के बीच 55, 26-30 के बीच 48, 31-35 के बीच 10 तो वहीं 35+ उम्र के 7 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इस लिस्ट में सबसे युवा 18 साल के दिव्यांश सिंह पंवार हैं, जो शूटिंग में चुनौता पेश करेंगे, तो वहीं सबसे उम्रदराज 45 साल के मेराज अहमद खान होंगे जो शूटिंग में ही पदक के लिए भी दावेदार हैं।