comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

लद्दाख में तनाव जारी: भारत ने चीन को जवाब देने के लिए LAC पर तैनात किए शोल्डर-फायर्ड एयर डिफेंस मिसाइल से लैस सैनिक  

लद्दाख में तनाव जारी: भारत ने चीन को जवाब देने के लिए LAC पर तैनात किए शोल्डर-फायर्ड एयर डिफेंस मिसाइल से लैस सैनिक  

हाईलाइट

  • भारत ने चीन सीमा के नजदीक कंधे से फायर होने वाली घातक मिसाइलों से जवानों को किया लैस
  • चीन के फाइटर जेट और हेलिकॉप्टरों ने भारतीय एयरस्पेस में घुसने की कोशिश की तो मार गिराया जाएगा
  • चीन के 7 एयरबेस होतान, गारगुंसा, काशगर, हॉपिंग, धोनका जॉन्ग, लिंझी और पैनगैट पर भी भारत की नजर

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है। चीन के हे​लिकॉप्टर लगातार इस इलाके में घुसपैठ कर रहे हैं। ऐसे में भारतीय सेना ने एलएसी से सटे ऊंचाई वाले अहम इलाकों पर रूस में बने छोटे शोल्डर-फायर्ड एयर डिफेंस मिसाइल से लैस जवानों को तैनात किया है। ये जवान इन मिसाइलों से भारतीय एयर स्पेस में घुसपैठ करने वाले चीनी एयरक्राफ्ट, हेलिकॉप्टरों और ड्रोन्स को निशाना बनाया जा सकता है। 

सूत्रों ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि भारतीय एयर स्पेस में घुसपैठ की कोशिश करने वाले दुश्मन के एयरक्राफ्ट्स से निपटने के लिए रूस के इग्ला एयर डिफेंस सिस्टम से लैस भारतीय जवानों को सीमा पर ऊंचाई वाले अहम इलाकों में तैनात किया गया है। रूसी मूल के इस एयर डिफेंस सिस्टम को इंडियन आर्मी के साथ-साथ एयर फोर्स भी इस्तेमाल करती है। बता दें कि रूसी मूल की वायु रक्षा प्रणालियों का उपयोग भारतीय सेना और वायुसेना दोनों द्वारा किया जाता है। इसका उपयोग तब किया जाता है जब दुश्मन के लड़ाकू जेट या हेलिकॉप्टर तैनाती के करीब आ जाते हैं। भारत की ओर से दुश्मन की हवाई आवाजाही पर नजर रखने के लिए रडार और सतह से लेकर हवाई मिसाइल सिस्टम की तैनाती के जरिए निगरानी बढ़ा दी गई है।

IGLA

दरअसल, दोनों देशों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद पूर्वी लद्दाख में गलवान घाटी और पट्रोलिंग पॉइंट 14 समेत तनातनी वाले इलाकों में चीनी हेलिकॉप्टरों ने भारतीय क्षेत्र के भीतर आने की कोशिश की थी। इसके जवाब में इंडियन एयरफोर्स ने पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में मई के पहले हफ्ते के आसपास SU-30 MKI को तैनात किए थे, ताकि चीनी हेलिकॉप्टरों की एयर स्पेस उल्लंघन की किसी भी कोशिश को नाकाम किया जा सके।

चीन के सात एयरबेस पर भारत की है नजर
सूत्रों के मुताबिक, चीन के 7 एयरबेस होतान, गारगुंसा, काशगर, हॉपिंग, धोनका जॉन्ग, लिंझी और पैनगैट पर भारतीय एजेंसियां करीब से नजर रख रही हैं। नॉर्थ-ईस्ट के दूसरी ओर स्थित लिंझी एयरबेस मुख्य तौर पर एक हेलिकॉप्टर एयर बेस है। यहां पर PLAF ने हेलिपैड का नेटवर्क डेवलप किया है, ताकि इस इलाके में निगारनी के ऑपरेशन को बढ़ाया जा सके। ये सभी एयरबेस हाल ही के दिनों में काफी एक्टिव हैं।

PLAF ने कई ठिकानों को अपग्रेड किया
PLAF ने हाल के दिनों में कई ठिकानों को अपग्रेड किया है, जिसमें आश्रयों का निर्माण, रनवे की लंबाई का विस्तार और अधिक संचालन करने के लिए अतिरिक्त जवानों की तैनाती करना शामिल है। पूर्वोत्तर राज्यों के सामने स्थित लिंझी एयरबेस मुख्य रूप से एक हेलिकॉप्टर बेस है। चीन ने उन क्षेत्रों में अपनी निगरानी गतिविधियों को बढ़ाने के लिए वहां हेलिपैड का एक नेटवर्क भी बनाया है।


 


 

कमेंट करें
tb1x3