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शाह ने राहुल गांधी से पूछा, क्यूं भाई घुसपैठिए आपके चचेरे भाई लगते हैं क्या?

शाह ने राहुल गांधी से पूछा, क्यूं भाई घुसपैठिए आपके चचेरे भाई लगते हैं क्या?

हाईलाइट

  • शाह ने कहा- 2024 से पहले हमारी सरकार पूरे देश में एनआरसी लागू करेगी
  • भाजपा चुन-चुनकर एक-एक घुसपैठियों को बाहर निकालने का काम करेगी
  • कांग्रेस अपने 55 साल का शासन और हमारे 5 साल का शासन का हिसाब लेकर मैदान में आ जाएं

डिजिटल डेस्क, रांची। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को एनआरसी (नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन) मुद्दे पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला किया। उन्होंने झारखंड के चक्रधरपुर और बहरागोड़ा में चुनावी जनसभा को संबोधित ​करते हुए कहा कि ये राहुल बाबा कहते हैं कि NRC क्यूं ला रहे हो? घुस्पैठियों को क्यूं निकाल रहे हो? कहां जाएंगे, क्या करेंगे? क्यूं भाई आपके चचेरे भाई हैं लगते हैं क्या? 2024 के पहले देश से एक-एक घुसपैठियों को चुन-चुनकर निकालने का काम भाजपा सरकार करने वाली है।   

उन्होंने 2024 से पहले देश में एनआरसी लागू करने की बात कही। शाह ने कहा कि जब मैं 2024 में आपसे वोट मांगने आऊंगा, तो उससे पहले हमारी सरकार पूरे देश में एनआरसी लागू करके एक-एक घुसपैठिए को बाहर निकालेगी।

चुनावी सभा के दौरान गृहमंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि राहुल जब चाहें अपने शासनकाल का हिसाब-किताब लेकर मैदान में आ जाएं। शाह ने कहा कि आज राहुल गांधी झारखंड आए हैं। मैं उन्हें चुनौती देने आया हूं कि वो अपने 55 साल का शासन और हमारे 5 साल का शासन का हिसाब लेकर मैदान में आ जाएं। भाजपा ने विकास की गंगा को आदिवासी दलित समाज के घर पहुंचाने का काम किया है।

गृहमंत्री अमित शाह चक्रधरपुर में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मण गिलुवा और बहरागोड़ा से भाजपा उम्मीदवार कुणाल शांड़ंगी के समर्थन में चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे थे। 

शाह ने इस चुनावी रैली में महिलाओं से एक बड़ा वादा करते हुए कहा कि हमने तय किया है कि हमारी सरकार आने पर महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण देकर महिलाओं को रोजगार देने का काम भारतीय जनता पार्टी करेगी। उन्होंने कहा कि घोषणा पत्र में हमनें तय किया है कि भाजपा सरकार बनते ही आदिवासियों और दलितों के आरक्षण के लिए और ओबीसी समाज का आरक्षण बढ़ाने के लिए कमेटी की गठन किया जाएगा।
 
अमित शाह ने कहा कि झारखंड के लिए जब आंदोलन चल रहा था, तो कांग्रेस पार्टी उस आंदोलन को कुचल रही थी, और आज हेमंत सोरेन उसी कांग्रेस पार्टी की गोदी में बैठकर मुख्यमंत्री बनने के लिए निकले हैं। उनका उद्देश्य सत्ता प्राप्त करना है और भाजपा का उद्देश्य झारखंड को विकास के रास्ते पर आगे लेकर जाना है।

झारखंड विधानसभा चुनाव के तहत दूसरे चरण में 7 दिसंबर को 20 सीटों पर मतदान हैं। इनमें सिमडेगा, बहरागोड़ा, घाटशिला, पोटका, जुगसलाई, जमशेदपुर पूर्वी, जमशेदपुर पश्चिमी, सरायकेला, चाईबासा, मझगांव, जगन्नाथपुर, मनोहरपुर, चक्रधरपुर, खरसांवा, तमाड़, तोरपा, खूंटी, मान्डर, सिसई, और कोलेबरा सीट शामिल हैं।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।