comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

आईएनएक्स मीडिया मामला : चिदंबरम की जमानत को चुनौती देने वाली याचिका खारिज

June 05th, 2020 01:11 IST
आईएनएक्स मीडिया मामला : चिदंबरम की जमानत को चुनौती देने वाली याचिका खारिज

हाईलाइट

  • आईएनएक्स मीडिया मामला : चिदंबरम की जमानत को चुनौती देने वाली याचिका खारिज

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को आईएनएक्स मीडिया मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम की जमानत को चुनौती देने वाली सीबीआई की समीक्षा याचिका खारिज कर दी। न्यायमूर्ति आर. भानुमति, न्यायमूर्ति ए. एस. बोपन्ना और न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय की पीठ ने कहा, हमने समीक्षा याचिका और जुड़े हुए कागजात को सावधानीपूर्वक प्रतिपादित किया है और हम आश्वस्त हैं कि समीक्षा का आदेश जिस किसी भी तरह से मांगा गया है, वह जाहिर तौर पर पुनर्विचार करने वाली किसी भी त्रुटि से परे है।

पिछले साल अक्टूबर में आईएनएक्स मीडिया मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कथित अपराधों के लिए सीबीआई द्वारा दर्ज एक मामले में शीर्ष अदालत ने चिदंबरम को जमानत दी थी। लेकिन, वह जेल से बाहर नहीं निकल सके, क्योंकि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में वह हिरासत में लिए गए थे। दिसंबर 2019 में शीर्ष अदालत ने उन्हें ईडी मामले में जमानत दे दी और उन्हें 100 दिनों तक हिरासत में बिताने के बाद रिहा कर दिया गया। उन्हें चार दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने 104 दिनों की हिरासत के बाद उनकी रिहाई का मार्ग प्रशस्त करते हुए ईडी द्वारा दर्ज मामले में जमानत दे दी थी।

दिसंबर में न्यायमूर्ति आर. भानुमति की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा था कि कांग्रेस नेता आईएनएक्स मीडिया मामले के बारे में कोई सार्वजनिक बयान नहीं देंगे और मामले में गवाहों को प्रभावित करने का भी कोई प्रयास नहीं करेंगे। शीर्ष अदालत ने जमानत पर कुछ शर्तें भी लगाई थीं, जिनमें चिदंबरम का पासपोर्ट जब्त करना, उन्हें बिना अनुमति के देश छोड़ने की अनुमति नहीं देना और प्रेस के सामने इस बारे में कोई बयान नहीं देना शामिल है। इसके अलावा अदालत ने कहा था कि वह खुद को मामले में पूछताछ के लिए उपलब्ध कराएंगे। अदालत ने चिदंबरम को जमानत के तौर पर दो लाख रुपये के बांड जमा करने का भी निर्देश दिया था।

कमेंट करें
bSUIO
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।