दैनिक भास्कर हिंदी: ISRO चेयरमैन ने कहा- भारत भी कराएगा लोगों को अंतरिक्ष की सैर

October 12th, 2018

हाईलाइट

  • स्पेस एक्स और एक्सिओम स्पेस जैसी कंपनियां लोगों को स्पेस में ले जाकर उनके सपने को पूरा करने में जुटी है।
  • इसरो चेयरमैन ने कहा, स्पेस टूरिज्म एक उभरता हुआ क्षेत्र है। निश्चित रूप से आने वाले समय में भारत इस क्षेत्र को एक्सप्लोर करेगा।
  • के सिवान ने कहा, स्पेस टूरिज्म के लिए हमें स्पेस में जाने और वापस आने की क्षमता को विकसित करना होगा।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। स्पेस यानी अंतरिक्ष की यात्रा एक ऐसी लग्जरी यात्रा है, जिसे फिलहाल दुनिया के 1 प्रतिशत से भी कम लोग अफोर्ड कर सकते हैं। स्पेस एक्स और एक्सिओम स्पेस जैसी कंपनियां लोगों को स्पेस में ले जाकर उनके सपने को पूरा करने में जुटी है। ऐसे में एक सवाल ये भी उठता है कि क्या भारत कभी लोगों को स्पेस की सैर करा पाएगा? ऐसा इसलिए क्योंकि तमाम देशों की कमर्शियल सैटेलाइट को बेहद सस्ते दामों में स्पेस में भेजने के लिए भारत की अंतरीक्ष एजेंसी ISRO का नाम तेजी से पॉपुलर हो रहा है। गुरुवार को इसरो चेयरमैन के. सिवान ने इस पर कहा कि स्पेस टूरिज्म एक उभरता हुआ क्षेत्र है। हम निश्चित रूप से आने वाले समय में इस क्षेत्र को एक्सप्लोर करेंगे।

के सिवान ने कहा, स्पेस टूरिज्म के लिए हमें स्पेस में जाने और वापस आने की क्षमता को विकसित करना होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले से गगन यान मिशन को लेकर किए गए 2022 के ऐलान के बारे में बात करते हुए सिवान ने कहा कि भारत निश्चित रूप से अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करेगा। इसके बाद भारत स्पेस टूरिज्म को भी एक्सप्लोर कर पाएगा। स्पेस टूरिज्म एक उभरता हुआ क्षेत्र है और भारत अपनी क्षमताओं को विकसित कर रहा है ताकि वह इस क्षेत्र में किसी से भी पीछे न रह जाए। के सिवान सेंट्रल यूनिवर्सिटी जम्मू में  बनाए जा रहे ISRO के नए सेंटर का मेमोरेंडम साइन करने के लिए पहुंचे थे। ISRO नॉर्थ इंडिया में अपनी मौजूदगी को बढ़ाना चाहता है। यहां पर मीडिया से बात करते हुए सिवान ने ये बयान दिया।

बता दें कि अमेरिकी कंपनी 'स्पेस-एक्स' ने अपने बिग फाल्कन राकेट के माध्यम से लोगों को चांद समेत अंतरिक्ष की सैर कराने की योजना बनाई है। कंपनी ने स्पेस टूरिज़्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह मिशन शुरू किया है। स्पेस-एक्स ने ट्वीट कर बताया था कि वह अंतरिक्ष में एक पर्यटक को भेजना चाहती है, जिसके लिए एक यात्री से करार भी हो गया है। अंतरिक्ष की यात्रा की इच्छा रखने वाले आम लोगों के लिए ख़ुशी की बात है, और यह अंतरिक्ष पर्यटन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण क़दम है। वैज्ञानिक एलन मस्क की इस परयोजना के माध्यम से अगले बीस सालों में मंगल गृह पर मनुष्यों को पहुंचने का लक्ष्य है।