दैनिक भास्कर हिंदी: मीडिया रिपोर्ट्स में दावा, मारा गया पुलवामा हमले का मास्टर माइंड मसूद अजहर!

March 4th, 2019

हाईलाइट

  • पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड और आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख मसूद अजहर के मारे जाने की खबर आ रही है।
  • मीडिया रिपोर्ट की माने तो आतंकी मसूद अजहर उस कैंप में मौजूद था जिस कैंप पर भारत ने एयरस्ट्राइक की थी।
  • पाकिस्तान ने अभी तक इसकी पुष्टी नहीं की है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड और आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर के मारे जाने की खबर आ रही है। मीडिया रिपोर्ट की माने तो आतंकी मसूद अजहर उस कैंप में मौजूद था जिस कैंप पर भारत ने एयर स्ट्राइक की थी। हालांकि पाकिस्तानी मीडिया ने इन खबरों को खारिज कर दिया है। जिओ न्यूज ने अजहर के परिवार के करीबी सूत्रो के हवाले से कहा कि मसूद अजहर अभी जिंदा है। बता दें कि इससे पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा था कि मसूद अजहर किडनी की समस्या से जूझ रहा है और बहुत ज्यादा बीमार है।

मसूद अजहर के मारे जाने की तीन थ्योरी सामने आ रही हैं -

  • पहली थ्योरी के मुताबिक मसूद अजहर बालाकोट कैंप में एयरस्ट्राइक में घायल हो गया था जिसके बाद उसका अस्पताल में इलाज चल  रहा था जहां उसकी मौत हो गई है।
  • दूसरी थ्योरी में कहा जा रहा है कि मसूद अजहर बहुत ज्यादा बीमार चल रहा था आर अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई है। 
  • तीसरी थ्योरी में कहा जा रहा है कि पाकिस्तान को इस बात का डर है कि भारत एक बार फिर एयर स्ट्राइक कर सकता है। इसीलिए ये पाकिस्तान की कोई चाल हो सकती है। उसने मसूद अजहर को छिपाकर उसके मारे जाने की खबर फैला दी हो।  

बता दें कि 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। जैश के इस आत्मघाती हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। मसूद अजहर जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख है। मसूद अजहर को 1999 में कंधार विमान अपहरण कांड के बाद भारत को रिहा करना पड़ा था। तब भारत की मजबूरी थी क्योंकि इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट 814 के 178 यात्रियों को सही सलामत आतंकियों के कब्जे से छुड़ाना था। मसूद अजहर छूट तो गया था, लेकिन उसके बाद मसूद अजहर ने भारत के खिलाफ जो जंग छेड़ी वो आज तक खत्म नहीं हुई है।

भारत के चंगुल से छूटते ही मसूद ने जैश-ए-मोहम्मद बनाया और दो साल में ही मसूद अजहर ने 2001 में संसद पर हमला करके एहसास कराया कि उसे छोड़ना कितनी बड़ी भूल थी। संसद हमले के बाद मसूद ने इसी साल भारत के खिलाफ नए सिरे से आतंकी हमले को अंजाम देना शुरू किया। पठानकोट एयरबेस पर हमला मसूद के आतंकियों ने किया। 7 महीने के बाद फिर मसूद ने उरी में सेना मुख्यालय पर हमला करके खुद को भारत का दुश्मन नंबर एक साबित कर दिया है। 

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