दैनिक भास्कर हिंदी: अमरनाथ के बाद माछिल यात्रा भी रद्द, घर लौट रहे श्रद्धालु, राज्‍यपाल बोले- अफवाहों पर न दें ध्‍यान

August 3rd, 2019

हाईलाइट

  • सरकार की एडवाइजरी के बाद से जम्मू-कश्मीक में हड़कंप मचा हुआ है
  • अमरनाथ की ओर जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया गया है
  • किश्तवाड़ जिले में देवी दुर्गा मंदिर के लिए माछिल यात्रा भी स्थगित कर दी गई है

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। अमरनाथ यात्रियों और पर्यटकों को तुरंत जम्मू-कश्मीर छोड़ने संबंधी सरकार की एडवाइजरी जारी होने के बाद से राज्य में हड़कंप मचा हुआ है। अमरनाथ की ओर जाने वाले रास्ते बंद कर दिए गए हैं। कई राज्यों से आए श्रद्धालु मायूस होकर वापस लौट रहे हैं। अमरनाथ यात्रा के बाद अब शनिवार को किश्तवाड़ में दुर्गा मंदिर के लिए माछिल यात्रा भी स्थगित कर दी गई है।

वहीं राज्य के माहौल को लेकर कश्‍मीरी नेताओं की चिंता पर राज्‍यपाल सत्यपाल मलिक ने उन्‍हें अफवाहों पर ध्‍यान नहीं देने की सलाह दी। घाटी में चल रही उठापटक के बीच रैपिड ऐक्शन फोर्स (RAF) भी जम्मू पहुंच गई है।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व CM उमर अब्दुल्ला राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मिलने के लिए राजभवन पहुंचे।

महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट कर कहा, मैं पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलने और जम्मू-कश्मीर के विशेष संवैधानिक प्रावधानों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए आज बडगाम में रहूंगी।

दरअसल जम्मू-कश्मीर सरकार ने शुक्रवार को सिक्योरिटी एडवाइजरी जारी कर अमरनाथ यात्रियों और पर्यटकों को घाटी से जल्द वापस लौटने को कहा था। एडवाइजरी में कहा गया था कि, राज्य में बड़े आतंकी हमले के इनपुट मिले हैं, इसलिए आप लोग जल्द से जल्द अपनी यात्रा को पूरी करके लौट जाएं।

इस एडवाइजरी के बाद से सूबे में सियासी हलचल तेज हो गई है। कश्मीर के मौजूदा हालात पर चिंता जताते हुए पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस समेत वहां के क्षेत्रीय दलों ने आपात बैठक बुलाई और राज्‍यपाल से मुलाकात की। राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने शुक्रवार रात पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती, शाह फैजल और सज्जाद लोन से मुलाकात की। राज्यपाल मलिक ने राज्य की जनता और राजनीतिक दलों से अपील की है कि, वे राज्य में शांति बनाए रखें और अफवाहों पर ध्यान न दें। राज्यपाल ने कहा, अमरनाथ यात्रियों पर आतंकी हमला होने की विश्‍वसनीय सूचना थी। इसी वजह से अमरनाथ यात्रियों और पर्यटकों को घाटी से लौटने के लिए एडवाइजरी जारी की गई। आतंकी फिदायिन हमला कर सकते हैं। इसी खतरे को देखते हुए सरकार ने यात्रियों और पर्यटकों को कश्‍मीर छोड़ने के लिए कहा है।

वहीं पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने कश्मीर में अव्यवस्था जैसी स्थिति होने का दावा करते हुए ट्वीट कर कहा, श्रीनगर की सड़कों पर अव्यवस्था जैसी स्थिति फैल गई है। लोग सड़कों पर इधर-उधर भाग रहे हैं। एटीएम, पेट्रोल पंप पर लोग लाइन लगा रहे हैं। दुकानों से जरूरी सामानों को इकट्ठा किया जा रहा है। क्या भारत सरकार केवल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है, जबकि कश्मीरियों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है।

घाटी में स्कूलों के बंद रहने की भी खबरें फैली हुई हैं। सूबे के स्कूली शिक्षा विभाग ने इन अफवाहों का खंडन करते हुए बयान जारी कर कहा है, स्कूलों के अगले 10 दिनों तक बंद रहने की सूचनाएं झूठी हैं। स्कूल एजुकेशन डिपार्टमेंट की तरफ से ऐसा कोई आदेश नहीं जारी किया गया है। 

श्रीनगर के डीएम शाहिद चौधरी ने ट्वीट कर कहा, बढ़ती अफवाहों के मद्देनजर सभी संस्थानों के प्रमुखों को दिन में सावधान रहने की सलाह दी गई है। किसी भी संस्थान को बंद करने के लिए कोई सलाह या निर्देश नहीं दिया गया है। दरअसल घाटी में अफवाह फैलाई गई थी कि एनआईटी बंद रहेंगे, जिसका डीएम शाहिद चौधरी ने खंडन किया है।

उन्होंने कहा, श्रीनगर में हमारे पास भोजन, ईंधन और दवाओं सहित सभी आवश्यक चीजों के पर्याप्त भंडार हैं। सड़कें खुली हैं। लोगों से अनुरोध है कि वे जमाखोरी और अपात खरीदारी से बचें।

इंटेलिजेंस सूत्रों के मुताबिक, इस समय घाटी में ढाई सौ से ज्यादा आतंकी सक्रिय हैं। इनमें से 115 विदेशी आतंकी हैं और करीब 162 लोकल आतंकी। पाकिस्तान की तरफ से करीब 200 आतंकी घुसपैठ की फिराक में हैं। आतंकियों के 14 से 16 लॉन्च पैड हैं, जिनसे आतंकी घुसपैठ की कोशिश कर सकते हैं। दो दिन पहले ही आर्मी ने घुसपैठ की कोशिश को नाकाम किया है।

जानकारी के मुताबिक, 2 अगस्त को 704 भक्तों ने (596 बालटाल के माध्यम से और 108 पहलगाम के माध्यम से) अपनी पवित्र तीर्थ यात्रा पूरी की। इस साल 2 अगस्त तक 3 लाख 43 हज़ार 587 यात्रियों ने अमरनाथ गुफा के दर्शन किए हैं। अमरनाथ श्राइन की वेबसाइट के मुताबिक, 30 जुलाई से अमरनाथ गुफा पहुंचने वाले यात्रियों की संख्या में लगातार कमी हो रही है। 30 जुलाई को 10,360 यात्री यहां पहुंचे, 31 जुलाई को 7,917 यात्रियों ने दर्शन किए, 1 अगस्त को 3196 यात्री यहां पहुंचे, जबकि 2 अगस्त को ये आंकड़ा मात्र 704 रह गया।