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J&K से हटेगी टूरिस्टों को प्रतिबंधित करने वाली एडवाइजरी, राज्यपाल ने दिए निर्देश

J&K से हटेगी टूरिस्टों को प्रतिबंधित करने वाली एडवाइजरी, राज्यपाल ने दिए निर्देश

हाईलाइट

  • J&K के राज्यपाल ने टूरिस्टों को लेकर जारी एडवाइजरी को वापस लेने के निर्देश दिए
  • 10 अक्टूबर को एडवाइजरी के हटने के बाद अब टूरिस्ट दोबारा जम्मू-कश्मीर जा सकेंगे
  • आर्टिकल 370 को हटाए जाने से पहले गृह मंत्रालय ने सिक्यॉरिटी एडवाइजरी जारी की थी

डिजिटल डेस्क, जम्मू। जम्मू और कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सोमवार को टूरिस्ट को लेकर जारी की गई दो महीनों से ज्यादा पुरानी एडवाइजरी को वापस लेने के निर्देश दिए हैं। 10 अक्टूबर 2019 को इस एडवाइजरी के हटने के बाद अब टूरिस्ट दोबारा जम्मू-कश्मीर जा सकेंगे। 

राज्य को विशेष दर्जा देने वाले आर्टिकल 370 को हटाए जाने से पहले 2 अगस्त को गृह मंत्रालय ने सिक्यॉरिटी एडवाइजरी जारी की थी। इस एडवाइजरी में अमरनाथ यात्रियों और पर्यटकों को घाटी में आतंकी खतरे का हवाला देते हुए जल्द से जल्द कश्मीर छोड़ने के लिए कहा गया था। 

'सिचवेशन-कम-सिक्यॉरिटी' की बैठक में एडवाइजरी वापस लेने के निर्देश जारी किए हैं। 5 अगस्त को आर्टिकल 370 को हटाए जाने के बाद से राज्यपाल रोजाना शाम 6 से 8 बजे तक दो घंटे के लिए सिचवेशन-कम-सिक्यॉरिटी की समीक्षा बैठकें कर रहे हैं। पिछले छह हफ्तों के दौरान, जम्मू और कश्मीर के अधिकांश हिस्सों में सभी सुरक्षा प्रतिबंध हटा दिए गए हैं। 

एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि इन बैठकों में अतीत में लिए गए कुछ प्रमुख फैसलों में हायर सेकंडरी स्कूलों, कॉलेजों और यूनिवर्सिटी को फिर से खोलना, सार्वजनिक परिवहन को फिर से शुरू करना और श्रीनगर टूरिस्ट रिसेप्शन सेंटर में अतिरिक्त ट्रैवल काउंटर खोलना शामिल है। उन्होंने कहा कि फैसलों में प्रत्येक जिले में 25 इंटरनेट कियोस्क खोलना भी शामिल है।

आज की बैठक में राज्यपाल को 24 अक्टूबर को होने वाले ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल के चुनावों के बारे में जानकारी दी गई। सभी सहायक रिटर्निंग अधिकारियों और सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (AEROs) को चुनाव के सुचारू संचालन के लिए मोबाइल फोन की सुविधा भी दी गई है।

राज्यपाल को सेब की खरीद में प्रगति से भी अवगत कराया गया, जो 850 टन और 3.25 करोड़ रुपये के पार हो गया है। उन्होंने कहा कि सेब की दरों में कुछ बदलाव किए जा रहे हैं जो जल्द ही घोषित किए जाएंगे।

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।