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रजनीकांत ने कहा, तमिलनाडु की भलाई के लिए जरुरत पड़ी तो हासन से मिलाएंगे हाथ

November 19th, 2019 23:22 IST
रजनीकांत ने कहा, तमिलनाडु की भलाई के लिए जरुरत पड़ी तो हासन से मिलाएंगे हाथ

हाईलाइट

  • अभिनेता कमल हासन और रजनीकांत राजनीतिक रूप से हाथ मिला सकते हैं
  • इससे पहले कामल हासन ने भी रजनीकांत के साथ हाथ मिलाने के संकेत दिए थे

डिजिटल डेस्क, चेन्नई। अभिनेता कमल हासन और रजनीकांत राजनीतिक रूप से हाथ मिला सकते हैं। मंगलवार को रजनीकांत ने ये बात कही। साल 2021 में राज्य विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए अपनी राजनीतिक पार्टी बनाने की घोषणा करने वाले रजनीकांत पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। इससे पहले कमल हासन ने भी कहा था कि वह तमिलनाडु के कल्याण के लिए रजनीकांत के साथ हाथ मिला सकते हैं। 

रजनीकांत ने चेन्नई एयरपोर्ट पर मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में कहा, 'अगर ऐसी स्थिति पैदा हो जाती है, जिसमें मुझे और कमल को तमिलनाडु के लोगों के कल्याण के लिए हाथ मिलाना पड़े, तो हम निश्चित रूप से एक साथ आएंगे।' इससे पहले कमल हासन ने कहा था 'मेरे और रजनीकांत के बीच एक नई बॉन्डिंग बनाने की कोई आवश्यकता नहीं है। हम करीब 44 साल से दोस्त हैं। अगर जरूरत पड़ी तो हम तमिलनाडु की बेहतरी के लिए साथ आएंगे।'

रजनीकांत ने 2019 के लोकसभा चुनावों में यह कहते हुए कोई उम्मीदवार नहीं उतारे थे कि उनकी नजर 2021 में तमिलनाडु विधानसभा चुनावों पर है। उन्होंने पिछले आम चुनाव में किसी भी पार्टी को अपना समर्थन नहीं दिया था। हालांकि हासन की मक्कल नीधि मय्यम (MNM) ने 40 लोकसभा सीटों में, तमिलनाडु में 39 और पुडुचेरी में एक सीट पर चुनाव लड़ा था। किसी भी सीट पर कमल हासन की पार्टी जीत हासिल नहीं कर पाई थी।

रजनीकांत ने तमिल फिल्म अपूर्वा रागंगल (1975) से अपनी फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। इस फिल्म में कमल हासन लीड रोल में थे। दोनों अभिनेताओं ने बाद में कई फिल्मों में अभिनय किया। बाद में दोनों एक्टर राजनीति में आ गए और अपनी-अपनी पार्टी बना ली।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।