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कमल नाथ के ट्विटर हैंडल पर पुरानी तस्वीर को लेकर नोक-झोंक

June 21st, 2020 22:00 IST
 कमल नाथ के ट्विटर हैंडल पर पुरानी तस्वीर को लेकर नोक-झोंक

हाईलाइट

  • कमल नाथ के ट्विटर हैंडल पर पुरानी तस्वीर को लेकर नोक-झोंक

भोपाल, 21 जून (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर अपने ट्विटर हैंडिल पर अपनी एक साल पुरानी तस्वीर जो साझा की तो सियासी जंग छिड़ गई। भाजपा ने जहां फर्जीवाड़ा का आरोप लगाया तो वहीं कांग्रेस ने भाजपा पर झूठ परोसने का आरोप जड़ा।

पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने रविवार को योग दिवस के मौके पर अपने ट्विटर हैंडिल से योग दिवस की बधाई देते हुए लिखा, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं! योग के अभ्यास से हम निरोगी रहकर सकारात्मक ऊर्जा से पूर्ण होकर, अधिक एकाग्रता, तन्मयता व सक्रियता से कार्य कर सकते हैं। प्रतिदिन योग करें, स्वस्थ रहें।

कमल नाथ ने इस ट्वीट के साथ अपनी एक तस्वीर भी साझा की है। यह तस्वीर योग करते हुए है और यह बीते साल की है। इसी को लेकर भाजपा हमलावर हो गई है।

भाजपा के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता डॉ़ दीपक विजयवर्गीय ने कहा कि जनता के साथ फर्जीवाड़ा करते-करते कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता निजी जीवन में भी उसे आत्मसात करने लगे हैं। यही कारण है कि पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने विश्व योग दिवस पर योगासन करने की फर्जी जानकारी अपने ट्विटर हैंडल पर जारी की।

डॉ़ विजयवर्गीय ने कमल नाथ द्वारा जारी योगासन चित्र को उनके चरित्र का प्रमाण बताते हुए कहा, पिछले वर्ष भी जब वे मुख्यमंत्री थे, तब 21 जून को आयोजित अंर्तराष्ट्रीय योग दिवस के सरकारी आयोजन में उन्होंने जानबूझकर भाग नहीं लिया था, लेकिन जब उन्हें तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा तो आनन-फानन में मुख्यमंत्री निवास में कथित रूप से योग करते हुए एक तस्वीर सोशल मीडिया में जारी करवाई।

उन्होंने आगे कहा, मजेदार बात तो यह है कि इस वर्ष यानी 21 जून 2020 को कमल नाथ मुख्यमंत्री नहीं हैं और हमारी जानकारी के मुताबिक वे भौतिक रूप से मुख्यमंत्री आवास को खाली भी कर चुके हैं। फिर भी आज उनके ट्विटर हैंडल से वही एक साल पुराना चित्र जारी किया गया है, जो मुख्यमंत्री आवास का है।

वहीं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने कहा, भाजपाइयों के पास झूठ परोसने के सिवाय कोई काम नहीं है। जनहित के मुद्दों को छोड़कर झूठे मुद्दों को हवा देना और जनता को गुमराह करना इन फुरसती भाजपाइयों की आदत बन चुका है। इस कोरोना महामारी में भी ये जनता की सेवा करने की बजाय दिनभर सोशल मीडिया पर झूठ परोसते रहते हैं।

सलूजा ने कहा, कमल नाथ के ऑफि स के ट्विटर हैंडल से देश और प्रदेश की जनता को योग दिवस की बधाई दी गई है। इस ट्वीट में योग करते हुए कमल नाथ की एक पुरानी तस्वीर को प्रतीकात्मक रूप से साझा किया गया है। इसमें कहीं भी नहीं लिखा गया है कि यह उनकी आज की तस्वीर है।

उन्होंने कहा, इस ट्वीट के बाद फेक न्यूज फैलाने व डर्टी पॉलिटिक्स में माहिर भाजपा के प्रवक्ता गण चालू हो गए कि कमल नाथ ने योग दिवस पर आज योगासन करने की फ र्जी जानकारी अपने ट्विटर हैंडल पर जारी की।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।