दैनिक भास्कर हिंदी: कर्नाटक: गठबंधन की सरकार पर आंसू बहा रहे कुमारस्वामी, कहा- जहर पी रहा

July 15th, 2018

हाईलाइट

  • गठबंधन की सरकार पर आंसू बहा रहे सीएम एचडी कुमारस्वामी।
  • जेडीएस के कार्यक्रम में छलका कुमारस्वामी का दर्द।
  • गठबंधन की सरकार का नेतृत्व करना जहर पीने जैसा है।


डिजिटल डेस्क, बेंगलुरू। कर्नाटक में लंबे घमासान के बाद गंठबंधन की सरकार बनी थी, लेकिन अब यहां के सीएम को यह सरकार चलाना जहर पीने जैसा लग रहा है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी खुद इस गंठबंधन की सरकार पर खुलकर आंसू बहाते नजर आ रहे हैं। 

 

कुमारस्वामी के आंखों में आंसू

दरअसल शनिवार को एक कार्यक्रम में सीएम कुमारस्वामी का यह दर्द सबके सामने छलका। इस दौरान उनकी आंखों में आंसू भी थे। कुमारस्वामी ने कहा, पार्टी के लोग इस बात से खुश हैं कि उनके अन्ना या थम्मा (भाई) सीएम बने हैं लेकिन वह मौजूदा हालात से दुखी हैं।

 

जेडीएस के ही कार्यक्रम में स्वीकार नहीं किया गुलदस्ता

कुमारस्वामी के सीएम बनने की खुशी में जेडीएस की तरफ से आयोजित किए गए इस इवेंट में कुमारस्वामी ने गुलदस्ते और फूलमाला तक स्वीकार नहीं की। कुमारस्वामी ने कहा, मैं अपने दर्द को खुद ही सह रहा हूं जो कि जो जहर से कम नहीं है। गठबंधन की सरकार का नेतृत्व करने को लेकर कुमारस्वामी ने कहा जो कुछ भी चल रहा है, वह उससे खुश नहीं हैं। 

 

सोशल मीडिया पोस्ट से भी दुखी हैं HDK

कुमारस्वामी ने सोशल मीडिया पोस्ट को भी दुख का कारण बताया है। जिसके बाद से ऐसा समझा जा रहा है कि 'कुमारस्वामी मेरे सीएम नहीं' वाली सोशल मीडिया पोस्ट का सीएम पर असर हुआ है। दरअसल कोदागू के एक लड़के ने एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उसके गांव की सड़क बह गई। वीडियो के साथ उसने लिखा था कि सीएम को इसकी चिंता ही नहीं है। इसी तरह कोस्टल जिलों के मछुआरे भी लोन माफ नहीं होने के कारण कुमारस्वामी सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। लडके ने लिखा था 'कुमारस्वामी मेरे सीएम नहीं'। यह पोस्ट जबर्दस्त वायरल हुई थी।

दो घंटे में छोड़ सकता हूं सीएम का पद

कुमारस्वामी ने कहा, कोई नहीं जानता लोन माफी के लिए अधिकारियों को मनाने के लिए मुझे कितनी मशक्कत करनी पड़ी है। सीएम ने अपना दुख व्यक्त करते हुए कहा, लोग 'अन्ना भाग्य स्कीम' में पांच किलो चावल की जगह सात किलो चाहते हैं। मैं इसके लिए 2500 करोड़ रुपये कहां से लेकर आऊं। टैक्स लगाने के लिए मेरी आलोचना हो रही है। इन सबके बावजूद भी मीडिया में कहा जा रहा है लोन माफी स्कीम में स्पष्टता नहीं है। अगर मैं चाहूं तो दो घंटों के भीतर सीएम का पद छोड़ दूं। 

 

बेटे कुमारस्वामी के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं देवगौड़ा

चुनाव को लेकर सीएम ने कहा यह उनका दुर्भाग्य ही है कि चुनावों के दौरान लोग उन्हें सुनने के लिए इकट्ठा हुए, लेकिन जब वोट देने की बारी आई तो पार्टी प्रत्याशियों को भूल गए। कुमारस्वामी ने कहा, भगवान ने मुझे यह शक्ति (सीएम पद) दी है। अब वही तय करेंगे मुझे कितने दिन रहना है। सीएम ने कहा मेरा सपना था, मैं पार्टी के वादों और अपने पिता ( एचडी देवगौड़ा ) के अधूरे कामों को पूरा करूं। यह ताकत हासिल करने के लिए नहीं था। कुमारस्वामी ने कहा, चुनाव परिणाम में यह संकेत था कि लोगों को मुझ पर भरोसा नहीं है। दूसरी ओर कुमारस्वामी के पिता देवगौड़ा ने कहा सीएम का 18-18 घंटे काम करना उनके स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है और उन्हें अपने बेटे की चिंता है।