दैनिक भास्कर हिंदी: पद्मावत देखकर खुश हुई करणी सेना, कहा- सभी राज्यों में करेंगे रिलीज

September 5th, 2018

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावत' को अब करणी सेना ने भी हरी झंडी दे दी है। करीब एक साल से चला आ रहा ये विवाद अब थमता दिख रहा है, क्योंकि अब राजपूत करणी सेना ने इस फिल्म को रिलीज करने के लिए फिल्म के डायरेक्टर और वायकॉम-18 को लेटर लिखा है। बताया जा रहा है कि बीते दिनों श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी पद्मावत फिल्म को देखा और वो इससे बेहद खुश हुए। उन्होंने भंसाली को भरोसा दिलाया है कि अब बाकी राज्यों में भी फिल्म को रिलीज करने दिया जाएगा।

सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने देखी 'पद्मावत'

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने 'पद्मावत' फिल्म को देखा था और वो इससे काफी खुश भी हुए। बताया जा रहा है कि उन्होंने इस फिल्म में ऐसा कोई भी सीन नहीं देखा, जिसपर आपत्ति जताई जा सके। इसीलिए अब उनका गुस्सा भी शांत हो गया और उन्होंने फिल्म को रिलीज करने के लिए संजय लीला भंसाली को भरोसा भी दिलाया है।

फिल्म में राजपूतों की वीरता को दिखाया

श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना की महाराष्ट्र विंग की तरफ से पद्मावत फिल्म के डायरेक्टर संजय लीला भंसाली को लेटर लिखकर फिल्म की जबरदस्त तारीफ की है। इस लेटर में लिखा गया है कि 'श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने पद्मावत फिल्म को मुंबई में देखा। हमें ये बताते हुए गर्व हो रहा है कि इस फिल्म में राजपूतों की वीरता और त्याग को बहुत ही अच्छे तरह से दिखाया गया है। ये फिल्म रानी पद्मावती की महानता को दिखाती है।' इसमें आगे लिखा है कि 'इस फिल्म में रानी पद्मावती और अलाउद्दीन खिलजी के बीच कोई भी गलत सीन नहीं है। इस फिल्म में ऐसा कुछ भी नहीं है, जो राजपूत समाज की भावनाओं और इतिहास को ठेस पहुंचाए।'

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भंसाली को दिया भरोसा, फिल्म होगी रिलीज

संजय लीला भंसाली को लिखे इस लेटर में आगे लिखा गया है कि 'इस फिल्म को देखने के बाद हम संतुष्ट हैं। इसलिए हम अपना विरोध बिना शर्त वापस लेते हैं और भरोसा दिलाते हैं कि हम इस फिल्म को मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात और भारत के सभी सिनेमाघरों में फिल्म को रिलीज करने में आपका सहयोग करेंगे।' बता दें कि इस लेटर के मुताबिक, सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने 2 फरवरी यानी शुक्रवार के दिन ही इस फिल्म को मुंबई में देखा है।

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क्या है 'पद्मावत विवाद'?

पद्मावत फिल्म का सारा विवाद रानी पद्मावती और अलाउद्दीन खिलजी के प्रसंगों को लेकर है। राजस्थान की करणी सेना समेत कई राजपूत संगठनों ने आरोप लगाया कि संजय लीला भंसाली अलाउद्दीन खिलजी और रानी पद्मावती के प्रेम प्रसंगों को फिल्म में दिखाकर राजपूत समुदाय का अपमान कर रहे हैं। राजपूत करणी सेना का मानना है कि इस फिल्म में रानी पद्मावती और खिलजी के फिल्माए गए सीन्स से उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची है। इसके अलावा करणी सेना का ये भी कहना था कि इस फिल्म में रानी पद्मावती को 'घूमर' करते दिखाया गया है, जबकि राजपूत राजघरानों में रानियां घूमर नहीं करती। इसलिए करणी सेना ने इस फिल्म पर बैन लगाने की मांग की। काफी विवाद के बाद सेंसर बोर्ड और फिर सुप्रीम कोर्ट से भी पद्मावत को हरी झंडी मिल गई। उसके बावजूद करणी सेना इस फिल्म को बैन करने की जिद पर अड़ी हुई थी।