दैनिक भास्कर हिंदी: कठुआ गैंगरेप : मेडिकल रिपोर्ट ने खोली पोल, बालिग निकला आठवां दरिंदा

July 3rd, 2018

हाईलाइट

  • कठुआ गैंगरेप-मर्डर केस में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।
  • पकड़े गए आठ आरोपियों में से जो एक आरोपी खुद को नाबालिग बता रहा था वह बालिग निकला है।
  • उसकी उम्र 20 साल से अधिक है।

डिजिटल डेस्क, पठानकोट । कठुआ गैंगरेप-मर्डर केस में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पकड़े गए आठ आरोपियों में से जो एक आरोपी खुद को नाबालिग बता रहा था वह बालिग निकला है। मेडिकल रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ है कि जो आरोपी खुद को नाबालिग बता रहा था उसकी उम्र 20 साल से अधिक है। पठानकोट जिला एवं सत्र न्यायालय में जब आरोपी की मेडिकल रिपोर्ट पेश की गई तो ये हैरान कर देने वाला खुलासा हुआ। 

 

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सोमवार से फिर से शुरू हुई सुनवाई

 

कठुआ गैंगरेप और मर्डर केस की सुनवाई सोमवार को फिर से शुरू हुई है। गर्मियों की छुट्टी के बाद मामले पर पहली सुनवाई के दौरान ही नाबालिग आरोपी के बालिग होने का खुलासा हुआ है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई कठुआ अदालत से ट्रांसफर कर पठानकोट में कर दी थी। जिसके बाद पठानकोठ कोर्ट के जज तजविंदर सिंह ने नाबालिग आरोपी का बोन ऑसिफिकेशन टेस्ट करवाने के निर्देश दिए थे और इस टेस्ट में आरोपी परवेश कुमार ऊर्फ मन्नू की उम्र 20 साल से अधिक पाई गई है। सरकारी वकील के मुताबिक जांच करने वाले डॉक्टर्स ने जांच के बाद आरोपी की उम्र 20 साल से अधिक आंकी है। कोर्ट में रिपोर्ट पेश कर दी गई है और अब मंगलवार से आरोपी की उम्र को लेकर सुनवाई होगी। सुनवाई पूरी होने के बाद जज आरोपी की उम्र को लेकर फैसला सुनाएंगे और फिर उसके बाद मामले की सुनवाई को आगे बढ़ाया जाएगा। याद रहे कि गर्मी की छुट्टियों से पहले आरोपी के वकील ने कोर्ट से आरोपी को नाबालिग की तरह ट्रीट किए जाने की मांग की थी, जिसके बाद जज ने आरोपी की उम्र पता करने के लिए मेडिकल टेस्ट का आदेश दिया था। आरोपी के वकील ने हाईस्कूल के सर्टिफिकेट के आधार पर उसे नाबालिग बताया था। 

 

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दिलदहला देने वाली घटना कठुआ गैंगरेप-मर्डर 

 

जम्मू कश्मीर के कठुआ में इसी साल 10 जनवरी को एक दिल दहला देने वाली वारदात हुई थी। यहां एक आठ साल की मासूम बच्ची को अगवा कर आठ दरिंदों ने कथित तौर पर एक मंदिर में तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा था और वहां पर उसके साथ हैवानियत की सारी हदें पार की गई थीं। दरिंदों ने मासूम को भांग और नशीली दवाओं का ओवर डोज देकर अपनी हवस का शिकार बनाया था और फिर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी थी। मासूम की लाश 16 जनवरी को जंगल में झाड़ियों के बीच पड़ी मिली थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था जिनमें एक पुलिसकर्मी और एक नाबालिग शामिल था। मासूम से हुई हैवानियत के इस मामले में सात आरोपियों के खिलाफ पहले ही बलात्कार और हत्या के आरोप तय हो चुके हैं जबकि आठवें आरोपी की उम्र को लेकर अभी मुकदमा चल रहा है।