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गर्भवती हथिनी की हत्या: सरकार ने कहा- यह भारतीय संस्कृति नहीं, केरल में हत्यारों पर डेढ़ लाख का इनाम

गर्भवती हथिनी की हत्या: सरकार ने कहा- यह भारतीय संस्कृति नहीं, केरल में हत्यारों पर डेढ़ लाख का इनाम

हाईलाइट

  • केरल के मल्लापुरम में हथिनी की हत्या से मचा बवाल
  • मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा- यह भारतीय संस्कृति नहीं
  • हत्यारों की सूचना देने वालों को मिलेगा डेढ़ लाख का इनाम

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पटाखों से भरा अननानास खिलाए जाने के बाद केरल में एक गर्भवती हथिनी की मौत हो गई। बेजुबान जानवर को दी गई ऐसी दर्दनाक मौत को लेकर अब बवाल मच गया है। आम जनता और बॉलीवुड से लेकर सरकार तक इस मामले की निंदा कर रही है। केंद्र सरकार ने गुरुवार को इस घटना पर गंभीरता से ध्यान दिया और कहा कि, किसी जानवर के साथ ऐसी हरकत करना हमारी संस्कृति में नहीं है। इसकी उचित जांच की जाएगी और दोषियों को सजा दी जाएगी। वहीं केरल में दो गैर सरकारी संगठनों ने हत्यारों के ऊपर डेढ़ लाख रुपए का इनाम घोषित कर दिया है। केरल वन विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है।

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने अपनी नाराजगी जताते हुए ट्वीट कर कहा, केंद्र सरकार ने केरल के मल्लापुरम में हथिनी की हत्या के मामले पर बहुत गंभीरता से ध्यान दिया है। हम सही तरीके से जांच करने और अपराधी को पकड़ने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। पटाखे खिलाना और मारना भारतीय संस्कृति नहीं है। मंत्री ने हथिनी की मौत पर रिपोर्ट भी मांग और कहा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अपराधियों का पता लगाने वाले को इनाम
वाइल्ड लाइफ एसओएस एनजीओ ने अपराधियों का पता लगाने वाले को एक लाख रुपये देने का ऐलान किया है। हथिनी को पटाखे वाला अनानास खिलाने वाले की सूचना और उसके खिलाफ सबूत देने वाले व्यक्ति को 1 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। लोग एलिफैंट हॉटलाइन- 9971699727 या ईमेल info@wildlifesos.org पर इसकी सूचना दे सकते हैं।

ह्यूमन सोसायटी इंटरनैशनल/इंडिया ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया
ह्यूमन सोसायटी इंटरनैशनल संस्था ने कहा है, दोषियों के बारे में जानकारी देने वाले शख्स को 50 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। अगर आप चाहेंगे तो आपका नाम और पहचान भी गुप्त रखेंगे। हम उम्मीद करते हैं, दोषियों को सख्त से सख्त सजा हो, जिससे कोई दोबारा ऐसी हरकत ना करे। जानवरों के खिलाफ अमानवीयता, उनके शोषण और अन्य गलत व्यवहारों के खिलाफ काम करने वाली इस संस्था ने इस घटना के अलावा भी ऐसे अन्य मामलों की जानकारी देने के लिए वॉट्सऐप नंबर (7674922044) जारी किया।

अमानवीय कृत्य का शिकार हुई गर्भवती हथिनी
पूरा मामला केरल के मलप्पुरम जिले का है। यहां 27 मई को एक 15 वर्षीय गर्भवती हथिनी इंसानों के अमानवीय कृत्य का शिकार हो गई। दरअसल एक हथिनी इतनी भूखी थी कि भोजन की तलाश में जंगल के बाहर निकल गांव में भटक गई। तभी कुछ स्थानीय लोगों ने उसके साथ शरारत की और शक्तिशाली पटाखों से भरा अनानास उसे खिला दिया। इसे खाते ही हाथी के मुंह में पटाखा फट गया और वह बुरी तरह जख्मी हो गई। उसकी जीभ और मुंह पर गंभीर चोटें आईं। जिसके बाद वह एक नदी में चली गई और तीन दिनों तक वह दर्द से तड़पती रही और कुछ खा-पी नहीं सकी इसके बाद उसने दम तोड़ दिया। हथिनी मन्नारकड फॉरेस्ट डिविजन के वेल्लियार रिवर में मिली थी। वह एक महीने की गर्भवती थी।

इस अमानवीय घटना को लेकर लोग सोशल मीडिया पर आक्रोश जाहिर कर रहे हैं। साइलेंट वैली नेशनल पार्क के वन्यजीव वार्डन सैमुअल पचुआऊ के अनुसार, अपराधियों ने एक पाइनएप्पल के अंदर पटाखे रखे थे, जिसे जंगली हथिनी ने खाया था। इस क्षेत्र में लोग जंगली जानवरों को दूर रखने के लिए अक्सर ही ऐसा करते हैं। शव परीक्षण में पाया गया कि हथिनी के ऊपरी और निचले जबड़े, दांत और जीभ बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए थे। मृत्यु का कारण फेफड़ों की जटिलता बताई गई क्योंकि इनमें पानी भरा हुआ था।

इस घटना की सोशल मीडिया पर जमकर निंदा हो रही, जहां मीम्स में मां हथिनी को यह कहते हुए दिखाया जा रहा है कि, यह मानव जाति पर भरोसा करने के लिए उसकी गलती थी, जबकि उसके गर्भ में अजन्मा बच्चा पूछ रहा है, मेरी क्या गलती है, मां?

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।