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लद्दाख: चीन की चाल पर वायुसेना की नजर, बॉर्डर के पास फॉरवर्ड एयरबेस पर लड़ाकू विमानों का 'नाइट ऑपरेशन'

लद्दाख: चीन की चाल पर वायुसेना की नजर, बॉर्डर के पास फॉरवर्ड एयरबेस पर लड़ाकू विमानों का 'नाइट ऑपरेशन'

हाईलाइट

  • लद्दाख में चीन की चाल पर भारतीय वायुसेना की निगरानी
  • बॉर्डर के पास IAF के लड़ाकू विमानों का 'नाइट ऑपरेशन'
  • फॉरवर्ड बेस पर अपाचे हेलिकॉप्टर ने रात में भरी उड़ान

डिजिटल डेस्क, लद्दाख। पूर्वी लद्दाख में बॉर्डर को लेकर भारत-चीन के बीच तनाव अब कम होता दिखाई दे रहा है। सोमवार को चीन ने गलवान घाटी के पास से अपने कदम पीछे खींचे। जिस जगह पर दोनों देशों के बीच झड़प हुई थी, अब वहां से चीनी सेना करीब दो किमी तक पीछे चली गई है। दोनों देशों के बीच तय हुआ है कि, सीमा पर तनाव की स्थिति को कम किया जाएगा। इसके बावजूद भी भारत ने सख्ती बरकरार रखी है।

सीमा के पास भारतीय वायुसेना चीन की हर चाल पर पैनी नजर रखे हुए है। इसकी के चलते सोमवार रात को भारत-चीन बॉर्डर के पास वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने नाइट ऑपरेशन किया। यहां देर रात निगरानी करने के लिए वायुसेना के विमान अपाचे, चिनूक और फाइटर जेट MiG-29 ने फॉरवर्ड एयरबेस पर उड़ान भरी। भारतीय वायुसेना बॉर्डर पर लगातार अभ्यास कर रही है और हर स्थिति से निपटने की तैयारी में जुटी है। बता दें कि, IAF के बेड़े में पिछले साल ही आठ अपाचे लड़ाकू हेलिकॉप्टरों ने जगह बनाई थी। अपाचे हेलिकॉप्टर को अमेरिकी कंपनी बोइंग बनाती है।

भारत-चीन सीमा के पास फॉरवर्ड एयर बेस में किए गए ऑपरेशन को लेकर वरिष्ठ लड़ाकू पायलट ग्रुप कैप्टन ए राठी ने कहा, नाइट ऑपरेशन का अपना अलग ही महत्व होता है। एयरफोर्स सीमा पर तैनात जवानों की हर मदद के लिए किसी भी समय पूरे स्पेक्ट्रम का संचालन करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

उत्तराखंड में बॉर्डर पर भी भारतीय वायुसेना की चौकसी दिखी। यहां वायुसेना ने चीन और नेपाल सीमा के पास चॉपर से उड़ान भरकर स्थिति का जायजा लिया। वायुसेना उत्तरकाशी के पास चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी का परीक्षण कर रही है। हेलिकॉप्टर ने सीमा तक उड़ान भरी और हवाई पट्टी पर तीन बार टेक ऑफ और लैंडिंग की।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।