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ट्रांसपोर्ट यूनियन की सबसे बड़ी हड़ताल, थम गए 95 लाख ट्रकों के पहिए

July 20th, 2018 18:18 IST

हाईलाइट

  • देश भर में ट्रांसपोर्ट यूनियन की हड़ताल आज से।
  • थम जाएंगे 95 लाख ट्रकों के पहिए।
  • मांगें पूरी न होने तक जारी रहेगी हड़ताल।

डिजिटल डेस्क,नई दिल्ली। ट्रांसपोर्टर्स की सबसे बड़ी यूनियन ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) आज से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर है। दरअसल एआईएमटीसी लंबे समय से डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने के साथ केन्द्र और राज्य के करों को कम करने की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार की तरफ से अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिल रहे हैं, जिससे परेशान ट्रांसपोर्टर्स यूनियन अब अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं। एआईएमटीसी का कहना है कि सुबह 6 बजे से शुरू हुई हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक मांगें पूरी नहीं हो जाती। 

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डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग
डीजल को जीएसटी के दायरे में लाकर केंद्रीय एवं राज्य के करों में कटौती ट्रांसपोर्टरों की मुख्य मांग है अगर ऐसा होता है तो इसका असर डीजल की कीमतों पर होगा और डीजल की कीमतों मे राहत मिल पाएगी। एआईएमटीसी ने यह भी मांग की है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हर रोज नहीं बल्कि 3 महीने में संशोधन हो, ट्रांसपोर्टर के लिए टोल बैरियर खत्म हो, थर्ड पार्टी बीमा में जीएसटी में छूट दी जाए और ट्रांसपोर्ट व्यापार पैट टीडीएस खत्म किया जाए।

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पारदर्शी हो टोल राजस्व
यूनियन का कहना है कि टोल राजस्व पारदर्शी होना चाहिए, यूनियन इसके खिलाफ नहीं है पर हम इसके कलेक्शन की कार्यप्रणाली में बदलाव चाहते हैं क्योंकि इसमें बहुत सी खामियां है और गैर-पारदर्शी है। यूनियन ने यह दावा किया है कि इस हड़ताल में देश भर के 95 लाख ट्रकों का चक्का जाम रहेगा।

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पहले भी हो चुकी है ऐसी हड़तालें
पेट्रोल और डीजल के बढ़े हुए दाम और कटौती में कंजूसी से नाराज ट्रक ड्राइवर्स पहले भी देशव्यापी हड़ताल कर चुके हैं लेकिन सरकार की तरफ से सिर्फ आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला जिसके चलते आज एक बार फिर ट्रांसपोर्टरों की सबसे बड़ी यूनियन ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस देशव्यापी हड़ताल पर है।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।