comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

मप्र में शराब पर छिड़ा लेटर वार

January 13th, 2020 09:00 IST
 मप्र में शराब पर छिड़ा लेटर वार

हाईलाइट

  • मप्र में शराब पर छिड़ा लेटर वार

भोपाल, 13 जनवरी (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश में शराब की दुकानों का दायरा बढ़ाए जाने के फैसले के बाद से सियासी भूचाल आया हुआ है। लेटरवार चल पड़ा है, वार-पलटवार का दौर जारी है, इसमें पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री कमल नाथ आमने-सामने हैं। वहीं नेताओं के बयानों ने सियासी माहौल को गर्माया हुआ है।

ज्ञात हो कि, राज्य के आबकारी विभाग ने शराब की छोटी दुकानें खोलने के लिए अधिसूचना जारी की है। इस नई व्यवस्था में शहर में पांच किलोमीटर और गांव में 10 किलो मीटर की दूरी पर शराब कारोबारी छोटी दुकान खोल सकेंगे, इसके एवज में उन्हें लाइसेंस शुल्क देना होगा। इससे राज्य में बड़ी संख्या में नई दुकानें खुलने की संभावना जताई जा रही है।

शराब नीति में किए गए संशोधन को लेकर पहला हमला पूर्व मुख्यमंत्री चौहान ने बोला और मुख्यमंत्री कमल नाथ के नाम खत लिख डाला। उसमें उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार शराब माफियाओं को नए साल का तोहफा देकर मध्यप्रदेश को मदिरा प्रदेश बनाया जा रहा है। उन्होंने भाजपा के काल में एक भी नई शराब दुकान न खुलने का दावा किया।

चौहान के पत्र का मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कुछ ही घंटों में जवाब दे दिया। साथ ही शिवराज के सभी आरोपों का तथ्यों और आंकड़ों के जरिए जवाब दिया। उन्होंने कहा कि शिवराज ने नीति का अध्ययन किए बिना ही पत्र लिख दिया है। इससे कोई भी नई दुकान नहीं खुलेगी, बल्कि मूल दुकानदार कुछ शर्तो के आधार पर छोटी दुकान खोल सकता है। बात भाजपा के शासनकाल की तो सात साल में 891 से ज्यादा नई दुकानें खुलीं।

मुख्यमंत्री कमल नाथ का जवाब मिलने के बाद चौहान ने एक और पत्र लिख डाला है। इसमें कहा गया है कि मुख्यमंत्री कुतर्क दे रहे हैं, जो गले नहीं उतर रहा। ऐसा ही है तो घर तक शराब की होम डिलीवरी करा दीजिए।

मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री के बीच चल रहे लेटर वार के बीच अन्य नेताओं ने भी मोर्चा संभाल लिया है। एक दूसरे पर हमले बोले जा रहे हैं। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह और नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने तो सरकार की मंशा पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने वचनपत्र में गांव-गांव गौशाला खोलने की बात की थी, मगर मधुशाला खोली जा रही है। वर्तमान सरकार प्रदेश को मद्य प्रदेश बनाने को आतुर है।

वहीं सत्तापक्ष की ओर से सहकारिता मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने सरकार के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि इससे माफिया पर अंकुश लगेगा।

राजनीति के जानकारों की मानें तो राजनीतिक दलों में इन दिनों विरोध की होड़ लगी हुई है। सरकारें जो फैसला लें उसका विरोध करो। केंद्र में सरकार कोई फैसला करती है तो विपक्षी दल मोर्चा संभाल लेते हैं, वहीं राज्य की सरकार के फैसलों पर विरोध दर्ज कराया जा रहा है। दोनों ही दल विरोध की राजनीति पर उतारू हैं, तर्क का अभाव दोनों ओर से नजर आ रहा है। यही कारण है कि जनता किसी के साथ भी खड़ी नजर नहीं आती।

राज्य में नेताओं में अपना प्रभाव या यूं कहें, असर दिखाने की भी होड़ है और लेटरबाजी भी उसी का हिस्सा माना जा रहा है। भाजपा में इन दिनों बिखराव है तो वहीं कांग्रेस सत्ता में होने के बावजूद एकजुट नहीं है। यही कारण है कि एक तरफ पूर्व मुख्यमंत्री तो दूसरी ओर मौजूदा मुख्यमंत्री को मोर्चा संभालना पड़ा है। कौन कितना असरदार है, यह सवालों में है।

कमेंट करें
aFHls
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।