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लॉकडाउन: 15 उद्योग खुलेंगे, फल-सब्जी विक्रेता, मैकेनिक को रहेगी छूट! लेकिन रहेगी कुछ शर्ते...

लॉकडाउन: 15 उद्योग खुलेंगे, फल-सब्जी विक्रेता, मैकेनिक को रहेगी छूट! लेकिन रहेगी कुछ शर्ते...

हाईलाइट

  • 14 अप्रैल के बाद लॉकडाउन रहेगा जारी
  • आर्थिक गतिविधियां शुरू करने छूट दे सकती है सरकार

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस का कहर लगातार बढ़ते ही जा रहा है। इस जानलेवा महामारी को रोकने के लिए देश में 21 दिनों का लॉकडाउन लागू किया गया था। जो 14 अप्रैल को समाप्त होने जा रहा है। लॉकडाउन से कई हद तक कोविड-19 जंग के खिलाफ सफलता मिली है। जिसके मद्देनजर आगे फिर लॉकडाउन बढ़ना तय है। हालांकि इस बार कई क्षेत्रों को लॉकडाउन से दूर रखा जाएगा।

सरकार देश के इलाकों को राज्यों के बजाय संक्रमण स्तर के हिसाब से जोन में बांटकर नियम तय करेगी। सरकार का कहना है कि आर्थिक व्यवस्था को पटरी में लाने और जनता की आमदनी शुरू करने के लिए उद्योगों में काम शुरू होना आवश्यक है, लेकिन इसमें सोशल डिस्टेंगिंग का पालन करना जरूरी होगा। 

सरकार ने तीन जोन इस तरह तय किए:

  • - रेड जोन: हॉटस्पॉट वाले जिले शामिल होंगे। वहां सबकुछ बंद रहेगा।
  • - ऑरेंज जोन: जिन जिलों में नए रोगी नहीं मिले और पुराने मरीज कम है।
  • - ग्रीन जोन: संक्रमण मुक्त जिले वहां व्यापारिक गतिविधियां शुरू हो जाएंगी।

क्या छूट मिलेगी, क्या नहीं:

  • - रेड और ऑरेंज जोन में होटल, लॉज और गेस्टहाउस बंद रहेंगे। ग्रीन जोन को राहत मिलेगी।
  • - रेड और ऑरेंज जोन में सार्वजनिक परिवहन नहीं चलेगा, ग्रीन जोन को छूट रहेगी।
  • - शराब की दुकानें खोलने को मंजूरी होगी, लेकिन इनमें कलर कोडिंग का स्तर राज्य सरकार तय करेगी।
  • - सिनेमा हॉल, मॉल्स,  पार्क, पर्यटन स्थल, धर्मस्थल, शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे।
  • - सभी प्रकार के सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक और आयोजनों पर पाबंदी रहेगी।

25% कर्मचारी ही एकसाथ काम करेंगे:
कंपनियों में 25% कर्मचारियों को एक शिफ्ट में काम करने की इजाजत होगी। वहीं हाउसिंग और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में तब कार्य की अनुमति मिलेगी, जब मजदूरों की रहने की व्यवस्था कराई जाएगी। कॉन्ट्रैक्टर की जिम्मेदारी होगी कि वह साइट को पूरी तरह सैनिटाइज करवाएं और स्वस्छता का ध्यान रखें। 

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जिन क्षेत्रों का काम करने की परमिशन होगी, इन बातों का रखना होगा ध्यान:

  • - कर्मचारियों के लिए सिंगल एंट्री पॉइंट होना चाहिए।
  • - सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा जाए।
  • - कर्मचारियों को लाने-ले जाने के लिए अलग ट्रांसपोर्ट और फैक्ट्री परिसर में रहने की व्यवस्था।
  • - जिला और राज्य के अधिकारी उद्योगों को चलाने की इजाजत वह इंतजामों का निरीक्षण करेंगे।
  • - उद्योगों को चलाने के लिए कर्मचारियों को आवाजाही में कोई परेशानी नहीं हो। 
  • - टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक मेन्यूफैक्चरिंग वाली कंपनियों को सिंगल शिफ्ट में काम करने की  इजाजत दी जाएगी। बस उनके पास सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइजेशन की व्यवस्था होनी चाहिए।
  • - एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों और लघु उद्योगों को कम कर्मचारियों के साथ कार्य करने की इजाजत होगी।
  • - भारी इलेक्ट्रिकल आइटम जैसे ट्रांसफार्मर, ऑप्टिक फाइबर केबल सहित टेलीकॉम इक्विपमेंट,  कंप्रेसर और कंडेनसर यूनिट, स्टील और फेरस अलाय मिल, स्पनिंग और जिनिंग मिल,  रक्षा संबंधित उत्पाद बनाने
  • वाले यूनिट, सीमेंट प्लांट, लकड़ी का पल्प और कागज निर्माण इकाइयां, उर्वरक प्लांट, पेंट और डाई उत्पादन इकाइयां, खाने-पीने की वस्तुएं, प्लास्टिक उत्पादन, बीज प्रोसेसिंग, ऑटो मोबाइल, 
  • रत्न और आभूषण निर्माण इकाइयां को सैनिटाइजेशन और सोशल डिस्टेंसिंग के इंतजाम करने पर काम करने की इजाजत मिल सकती है।
  • - छोटे और बड़े सभी तरह के मालवाहक वाहनों को आने-जाने की छूट होगी।
  • - फल और सब्जी विक्रेता और सभी स्ट्रीट वेंडर्स को काम करने की इजाजत होगी।
  • - मोबाइल,टेलीविजन, प्लंबिंग, प्रेस वाले, इलेक्ट्रीशियन, मैकेनिक को काम करने की इजाजत दी जाएगी। 
  • - रबर से उत्पादन होने वाली चीजों को भी मंजूरी दी गई है। 
  • - कांच और मेंटल इंडस्ट्रीज को कम कर्मचारियों के साथ काम करने की मंजूरी होगी।
  • - एग्रीकल्चर से जुड़ी सभी गतिविधियों को मंजूरी दी जाएगी। 
     
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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।