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पीएम मोदी ने छुए 91 साल की प्रस्तावक के पैर, जानिए कौन हैं यह महिला

पीएम मोदी ने छुए 91 साल की प्रस्तावक के पैर, जानिए कौन हैं यह महिला

हाईलाइट

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी लोकसभा सीट से नामांकन दाखिल किया।
  • इससे पहले वाराणसी में किया मेगा रोड शो।
  • नामांकन कक्ष में प्रवेश करते ही छुए 91 साल की प्रस्तावक के पैर।

डिजिटल डेस्क, वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी लोकसभा सीट से अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। इस दौरान पीएम मोदी ने वाराणसी में मेगा रोड शो कर लोगों का अभिवादन किया, लेकिन सबसे खास रहा मोदी की अपने प्रस्तावकों से मुलाकात। प्रधानमंत्री ने नामांकन प्रक्रिया के दौरान चार प्रस्तावकों में से एक महिला प्रस्तावक के पैर भी छुए। दरअसल यह महिला पंडित मदन मोहन मालवीय की दत्तक पुत्री अन्नपूर्णा शुक्ला हैं।  91 वर्षीय अन्नपूर्णा शुक्ला के अलावा डोमराजा जगदीश चौधरी, कृषि वैज्ञानिक राम शंकर पटेल और संघ कार्यकर्ता सुभाष गुप्ता प्रधानमंत्री के प्रस्तावक बने।

कौन हैं अन्नपूर्णा शुक्ला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी लोकसभा सीट से अपना पर्चा भर दिया है। इसकी शुरूआत प्रधानमंत्री ने अपनी महिला प्रस्तावक और महिला पंडित मदन मोहन मालवीय की दत्तक पुत्री अन्नपूर्णा शुक्ला के पैर छूकर की। 91 साल की अन्नपूर्णा शुक्ला ने काशी महाविद्यालय में करीब 40 साल तक अपनी सेवाएं दी हैं। इसके अलावा उन्होंने अपनी मेडिकल की पढ़ाई भी बीएचयू ही से की। इतनी बुजुर्ग अवस्था होते हुए भी वह हमेशा सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहती हैं। 

अन्नपूर्णा शुक्ला के पति बीएन शुक्ला गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति के साथ साथ रूस में भारत के राजनयिक भी रह चुके हैं। साल 1921 में शुरू हुए बीएचयू के वुमंस कॉलेज में गृह विज्ञान शिक्षा विभाग की शुरूआत कराने का श्रेय भी पूर्व प्रोफेसर अन्नपूर्णा शुक्ला को जाता है।

एक दिन पहले किया मेगा रोड शो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वाराणसी में मेगा रोड शो किया। रोड शो की शुरुआत काशी हिंदू विश्वविद्यालय के बाहर मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ की गई। विभिन्न मार्गों से होता हुआ ये रोड शो दशाश्वमेघ घाट पर पहुंचा। रोड शो में भारी जनसैलाब उमड़ा और इस दौरान गुलाब की पंखुड़ियों की बारिश होती रही। पीएम ने हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकर किया। रोड शो के बाद पीएम ने दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती की।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।