दैनिक भास्कर हिंदी: खड़गे ने नए CBI डायरेक्टर को बताया अनुभवहीन, केन्द्र से मिला ये जवाब

February 3rd, 2019

हाईलाइट

  • चयन समिति के सदस्य लोकसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे इस फैसले से नाखुश हैं।
  • खड़गे ने इसके खिलाफ पीएम मोदी को एक डिसेंट नोट भी लिखा है
  • बीजेपी ने खड़गे पर निशाना साधा है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) के नए डायरेक्टर की नियुक्ति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली चयन समिति ने शनिवार को ऋषि कुमार शुक्ला के नाम की घोषणा की। हालांकि चयन समिति के सदस्य लोकसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे इस फैसले से नाखुश हैं। उन्होंने इसके खिलाफ पीएम मोदी को एक डिसेंट नोट भी लिखा है और अपनी असहमती जताई है। इसके बाद बीजेपी ने खड़गे पर निशाना साधा है।

 

 

कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री को लिखे डिसेंट नोट में ऋषि कुमार शुक्ला को नया CBI निदेशक नियुक्त करने पर आपत्ति जताई। खड़गे ने नोट में पीएम मोदी को एंटी करप्शन जांच में ऋषि शुक्ला के अनुभव की कमी का हवाला भी दिया। खड़गे ने तीन सदस्यों की सेलेक्शन पेनल पर निशाना साधते हुए कहा कि पेनल ने दिल्ली स्पेशल पुलिस इस्टेबलिशमेंट एक्ट और विनीत नरायण जजमेंट का उल्लंघन किया है।

खड़गे ने कहा कि 'ऑफिसर्स को सीनियरिटी, एनुअल कॉन्फिडेंशियल रिपोर्ट (ACR) और एंटी करप्शन जांच में 100 महीने या उससे अधिक अनुभव के आधार पर शॉर्टलिस्ट किया गया। हालांकि ऋषि को एंटी करप्शन जांच में कोई अनुभव नहीं है। केवल सीनियरिटी को CBI चीफ अपॉइंट करने का पैमाना नहीं बनाना चाहिए। यह गलत है।'

 

 

इसका जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, जो कुछ भी खड़गे द्वारा कहा जा रहा है वह पूरी तरह से निराधार है। जितेंद्र सिंह ने कहा कि इसमें कुछ भी तथ्यों पर आधारित नहीं है। CBI चीफ के चयन के लिए सभी उचित कदम उठाए गए हैं और यह पूरी तरह से निष्पक्ष रहा है। उल्टे खड़गे इस पूरी प्रक्रिया में अपनी प्राथमिकता वाले नामों को ऊपर लाना चाहते थे। इसलिए खड़गे ही इस प्रक्रिया में हेरफेर करने के लिए दोषी हैं।

बता दें कि मध्य प्रदेश के डीजीपी रहे ऋषि कुमार शुक्ला देश की प्रमुख जांच एजेंसी CBI के चीफ बनाए गए हैं। वे 1983 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के अफसर हैं। ये पहला मौका है जब मध्य प्रदेश कैडर के किसी IPS को CBI चीफ बनने का मौका मिला है। कैबिनेट की अपॉइंटमेंट कमिटी ने शनिवार को उनके नाम पर मुहर लगाई। उन्हें 2 साल के लिए CBI डायरेक्टर पद पर नियुक्त किया गया है। इस कमिटी में पीएम मोदी के अलावा भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगई और लोकसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल हैं।