दैनिक भास्कर हिंदी: B'day: 87 साल के हुए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पीएम मोदी ने दी बधाई

September 27th, 2019

हाईलाइट

  • पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर, 1932 को अविभाजित भारत के पंजाब प्रांत में हुआ था
  • मनमोहन सिंह 2004 से 2014 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनमोहन सिंह का आज (26 सितंबर) जन्मदिन है, वह 87 साल के हो गए। मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर 1932 को अविभाजित भारत के पंजाब प्रांत जो कि अब पाकिस्तान में है, उसी के एक गांव में हुआ था। 2004 में वे पहली बार प्रधानमंत्री बने थे। 22 मई 2004 से 26 मई 2014 तक वह देश के प्रधानमंत्री रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मनमोहन सिंह को जन्मदिन की बधाई दी है और उनकी लंबी उम्र की कामना की है।

पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, हमारे पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं। मैं उनके लंबे और स्वस्थ जीवन के लिए प्रार्थना करता हूं।

वर्तमान में मनमोहन सिंह राजस्थान से राज्यसभा के सांसद हैं। मनमोहन सिंह 1991 में असम से राज्यसभा सदस्य चुने गए थे। इसके बाद 1995, 2001, 2007 और 2013 में वो फिर राज्यसभा से संसद पहुंचे। 1998 से 2004 तक जब बीजेपी सत्ता में थी वो राज्यसभा में विपक्ष के नेता भी थे। 1999 में उन्होंने साउथ दिल्ली से चुनाव लड़ा लेकिन जीत नहीं पाए।

1991 से 1996 तक मनमोहन भारत के वित्तमंत्री रहे। इसे भारत के आर्थिक इतिहास में एक निर्णायक समय के रूप में याद किया जाता है। आर्थिक सुधारों को लागू करने की उनकी भूमिका की सभी ने सराहना की थी। मनमोहन ने राष्ट्रमंडल प्रमुखों की बैठक और वियना में मानवाधिकार पर हुए विश्व सम्मेलन में 1993 में साइप्रस में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का उन्होंने नेतृत्व किया था।

1972 में मनमोहन सिंह को वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार बनाया गया। इसके बाद के वर्षों में वे योजना आयोग के उपाध्यक्ष, रिजर्व बैंक के गवर्नर, प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष भी रहे।

1991 के नई आर्थिक उदारीकरण की नीति ने दुनिया भर के लिए भारत का बाजार खोला। 1991 से 1996 के बीच मनमोहन सिंह ने आर्थिक सुधारों की जो रूपरेखा तैयार की, जिसने भारत की अर्थव्यवस्था को एक नया आयाम दिया। 1991 में मनमोहन सिंह ने संसद में बजट पेश किया था, जिसने भारत के लिए आर्थिक उदारीकरण के रास्ते खोले। इस प्रस्ताव में वि‍देश व्‍यापार उदारीकरण, वि‍त्तीय उदारीकरण, कर सुधार और वि‍देशी नि‍वेश का रास्ते को खोलने का सुझाव शामि‍ल था। इसका नतीजा यह हुआ कि सकल घरेलू उत्‍पाद की औसत वृद्धि दर में बढ़ोतरी देखने को मिली। तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हाराव और वित्तमंत्री डॉ मनमोहन सिंह की जोड़ी ने देश की अर्थव्यवस्था को लेकर यह बड़ा फैसला किया था।

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