दैनिक भास्कर हिंदी: तो क्या कांग्रेस के सहयोग से ममता या माया में से कोई होगा पीएम उम्मीदवार ?

July 25th, 2018

हाईलाइट

  • मायावती या ममता भी हो सकती है प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवार।
  • कांग्रेस नही देना चाहती मोदी को दूसरा मौका।
  • यूपी,बिहार पर महागठबंधन की नज़र।

डिजिटल डेस्क,नई दिल्ली। कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में भले ही प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में राहुल गांधी के नाम पर मुहर लग गई हो लेकिन 2019 में नरेंद्र मोदी और भाजपा को रोकने के लिए वो विपक्ष के किसी भी नेता को प्रधानमंत्री बनाने में मदद कर सकती है। कांग्रेस सूत्रों ने पार्टी की रणनीति का खुलासा किया कि क्या कांग्रेस ममता बनर्जी या मायावती को प्रधानमंत्री बनाने का कदम उठा सकती है?  कांग्रेस पार्टी के विश्वसनीय सूत्र ने बताया कि बीजेपी को दोबारा सत्ता में आने से रोकने के लिए कोई भी नेता जिसका संबध आरएसएस से नहीं हो उसे प्रधानमंत्री बनाने में कांग्रेस को परहेज नहीं है।

महिला नेता को प्रधानमंत्री बनाने के कयास
जनता के बीच जाने से पहले विपक्ष को प्रधानमंत्री उम्मीदवार के रूप में एक ऐसे चहरे की जरूरत है जिसकी पूरे देश में इतनी साख हो कि उसके चेहरे पर विपक्ष मोदी और भाजपा से टक्कर ले सके। ऐसे में कयास लगाये जा रहे है कि विपक्ष किसी महिला नेता का नाम प्रधानमंत्री उम्मीदवार के रूप में आगे कर सकता है। फिलहाल ममता बनर्जी और मायावती का नाम इस रेस में आगे चल रहा है।

 

यूपी, बिहार में महागठबंधन को अच्छे प्रदर्शन की जरूरत
कांग्रेसी नेतृत्व का यह मानना है कि बिहार और उत्तर प्रदेश में विपक्ष का महागठबंधन अच्छा प्रदर्शन कर पाया तो मोदी के लिए दोबारा सरकार बनाना नामुमकिन हो जाएगा।  इन राज्यों में लोकसभा की कुल 120 सीटें हैं, लगभग 22 फीसदी। वहीं शिवसेना, तेलगु देशम पार्टी जैसे भाजपा के सहयोगी दल भाजपा से नाराज हैं, जिसका फायदा कांग्रेस के साथ पूरे विपक्ष को हो सकता है। भाजपा को फिर से सरकार बनाने के लिए 272 सीटों की जरूरत पड़ेगी।

कांग्रेस मोदी को वापसी का कोई मौका नही देना चाहती
राहुल गांधी को कांग्रेस पहले ही महागठबंधन के चेहरे के तौर पर पेश कर चुकी है। पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने खुद इस बात की पुष्टि भी की। कर्नाटक में कांग्रेस की सहयोगी जेडीएस के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा भी राहुल की उम्मीदवारी का समर्थन कर चुके हैं। वहीं राष्ट्रीय जनता दल ने फिलहाल अपने पत्ते नही खोले हैं। कांग्रेस की जो रणनिति सामने आई है उससे लगता है कि कांग्रेस 2019 में मोदी को सत्ता में वापसी का एक और मौका नही देना चाहती।