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जाति की राजनीति : मायावती, तेजस्वी और चिदंबरम ने लगाए पीएम पर जात पर सियासत के आरोप

जाति की राजनीति : मायावती, तेजस्वी और चिदंबरम ने लगाए पीएम पर जात पर सियासत के आरोप

हाईलाइट

  • मायावती ने प्रेस कांफ्रेंस कर साधा पीएम मोदी पर निशाना।
  • बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री तेजस्वी ने कहा कि मोदी जन्म से अगली जाति के हैं, लेकिन कागजी तौर पर पिछड़े हैं।
  • कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी पी चिदंबरम ने कहा कि मोदी आज खुद को जाति की राजनीति से ऊपर बता रहे हैं, जबकि 2014 का चुनाव उन्होंने इसी के बल पर लड़ा था।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। लोकसभा चुनाव के बीच जात-पात का खेल जारी है। बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने पीएम नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा है कि मोदी जन्म से पिछड़ी जाति के नहीं थे, उन्होंने केवल अपने सियासी फायदे और पिछड़े वर्ग के लोगों का हक मारने के लिए खुद को पिछड़ा बताया। मायावती ने प्रेस कांफ्रेंस कर मोदी के बयान पर भी पलटवार करते हुए कहा कि मोदी ने कन्नौज में कहा था कि उन्हें पिछड़ा होने के कारण विरोधियों ने नीच कहा, लेकिन ऐसा नहीं है हमने कभी भी उन्हें नीच नहीं कहा। बता दें कि पीएम मोदी ने कन्नौज में एक जनसभा के दौरान सपा-बसपा को जात-पात की राजनीति के मुद्दे पर जमकर घेरा था।

मायावती ने किया आरोपों से इंकार, कहा - कभी नहीं कहा नीच

एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बसपा प्रमुख मायावती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अपनी जाति छुपाने का आरोप लगाया। मायावती ने कहा कि मोदी पहले अगड़ी जाति से आते थे, लेकिन बाद में पिछड़ी जाति में शामिल हो गए। मायावती ने मोदी के आरोपों का भी खंडन करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने हम पर जो आरोप लगाया है, वह शरारतपूर्ण है और तथ्यों से एकदम अलग। हमने हमेशा उनको ऊंची जाति का ही माना है और कभी उनको नीच नहीं कहा। 

'मोदी हैं दलित विरोधी'
प्रेस कांफ्रेंस में मायावती ने पीएम मोदी पर दलित विरोधी होने का भी आरोप लगाया। मायावती ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी कभी भी दलितों की मददगार साबित नहीं हुई, उन्होंने हमेशा दलित वर्ग के लोगों नीच समझा है।

मायावती ने कहा कि आगामी चुनावों में भाजपा और कांग्रेस को दलित कार्ड का भी कोई लाभ नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि शायद मेरी प्रेस वार्ता के बाद मोदी खुद ही जात पात की राजनीति बंद कर दें।

भाजपा ने नहीं किया एक चौथाई भी काम

मायावती ने कहा कि भाजपा ने उत्तर प्रदेश में अभी तक एक चौथाई काम भी पूरा नहीं किया है। इस कारण से अभी तक हुए तीन चरणों में बीजेपी पीछे ही रह जाएगी। साथ ही मायावती ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी का हाल बेहाल होने वाला है, यहां भाजपा बुरी तरह से हारेगी। बसपा सुप्रीमो ने गठबंधन पर बात करते हुए कहा कि अब तक हुए तीन चरणों में हमें जनता का अच्छा समर्थन मिला है।

तेजस्वी याजव ने भी लगाया आरोप

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जाति के मुद्दे पर निशाना साधा। तेजस्वी ने कहा कि मोदी जन्म से अगड़ी जाति के हैं, लेकिन कागजी तौर पर पिछड़े हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ट्वीट किया कि मैंने 20 अप्रैल को ही कह दिया था कि अपने आप को नक़ली OBC बताने के बाद मोदी जी अब अतिपिछड़ा बतायेंगे और कल उन्होंने बता भी दिया। अपने आप को दलित भी बता चुके है। कुछ भी कहे लेकिन सच्चाई यह है कि वो जन्मजात अगड़े हैं और कागज़ी पिछड़े है। वोट लेने के लिए वो क्या-क्या बोलते हैं?

लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं पीएम मोदी : पी चिदंबरम
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने कहा कि मोदी आज खुद को जाति की राजनीति से ऊपर बता रहे हैं, जबकि 2014 का चुनाव उन्होंने इसी के बल पर लड़ा था। चिदंबरम ने ट्वीट किया कि मिस्टर नरेंद्र मोदी पहले व्यक्ति थे जो 2014 में जाति की राजनीति कर के प्रधानमंत्री बने थे। उन्होंने कहा था कि वे ओबीसी हैं, लेकिन अब कह रहे हैं कि अब वो जात पात की सियासत नहीं करते हैं।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।