दैनिक भास्कर हिंदी: बिहार : मुजफ्फरपुर रेप कांड पर CBI ने दर्ज किया केस

July 29th, 2018

हाईलाइट

  • बिहार के मुजफ्फरपुर में स्थित एक शेल्टर होम में नाबालिग लड़कियों से रेप के मामले में नया खुलासा हुआ है।
  • जांच में सामने आया है कि 29 नहीं 34 लड़कियों से रेप किया गया।
  • मामले में सीबीआई जांच के भी आदेश जारी हो गए हैं।

डिजिटल डेस्क, मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर में स्थित एक शेल्टर होम (बालिका गृह) में नाबालिग लड़कियों के साथ हुए रेप के मामले में लगातार नए-नए खुलासे हो रहे  हैं। इस मामले में CBI ने केस दर्ज कर लिया है। अब तक इस पूरे मामले में बताया जा रहा था कि 29 बच्चियों के साथ रेप की वारदात हुई है, लेकिन अब एक नया चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि 29 नहीं 34 लड़कियों से रेप किया गया। इन लड़कियों में कुछ की उम्र तो 13 साल से भी कम है। मामले में सीबीआई जांच के भी आदेश जारी हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार पुलिस ने इस मामले में जांच करते हुए 11 आरोपियों में से 10 को गिरफ्तार कर लिया है। मुजफ्फपुर की सीनियर एसपी हरप्रीत कौर ने कहा, 'शेल्टर होम की 29 नहीं बल्कि 34 लड़कियों के साथ रेप किया गया है। मामले में अब तक 11 में से 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।'

ताजा मेडिकल रिपोर्ट में हुआ खुलासा
इस मामले में पुलिस प्रशासन द्वारा पिछले सप्ताह ही करीब 42 लड़कियों का मेडिकल टेस्ट कराया गया था, जिसमें 29 के साथ रेप की पुष्टि हुई थी। मगर अब ताजा मेडिकल रिपोर्ट में कुल 34 लड़कियों के साथ रेप की पुष्टि हुई है। बता दें कि ये बच्चियां पिछले कई महीनों से दरिंदगी का शिकार हो रही थीं। इनके साथ कई लोगों द्वारा लगातार रेप की वारदात को अंजाम दिया जा रहा था।
 

 

विरोध करने वाली लड़कियों को मारकर दफनाया
लड़कियों ने आप बीती बताते हुए कहा कि शेल्टर होम में कई बड़े-बड़े लोग आते थे और लड़कियों के साथ जबरदस्ती करते थे। जब वे विरोध करती थीं तो उन्हें मारा-पीटा और धमकाया जाता था। एक नाबालिग लड़की ने विरोध किया तो उसे इतना पीटा गया कि वह मर गई। उन्होंने बताया कि लड़की की हत्या कर उसके शव को शेल्टर होम परिसर में ही दफना दिया गया। हालांकि पुलिस ने मंगलवार को परिसर में खुदाई भी की, लेकिन उसे कोई शव नहीं मिला।

 


'रेप के लिए बाहर भी ले जाते थे हमें'
मामले में एक पीड़ित लड़की ने बताया कि शेल्टर होम में और यहां से बाहर दोनों जगह उसके साथ दरिंदगी की गई। कई बार उसे शेल्टर होम से बाहर ले जाकर उसके साथ रेप किया गया। पीड़िता ने बताया, ‘मेरे साथ एनजीओ के लोगों ने और कई बाहरी लोगों ने कई बार रेप किया। मैं कई दिनों तक चल नहीं पा रही थी। कई बार मुझे बालिका गृह से बाहर ले जाया जाता था। मुझे नहीं पता वे लोग कहां ले जाते थे, लेकिन फिर अगले दिन ही वापस लाया जाता था।

इस तरह हुआ दरिंदगी का खुलासा
लड़कियों के साथ हुई इस दरिंदगी का खुलासा मुंबई स्थित टाटा इन्स्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंस की रिपोर्ट में हुआ था। मामला सामने आते ही शेल्टर होम को संचालित करने वाले गैर-सरकारी संगठन (NGO) को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। शेल्टर होम में रह रहीं सभी लड़कियों को पड़ोसी जिलों में शिफ्ट किया गया है। बता दें कि NGO द्वारा यह रिपोर्ट तमाम लड़कियों से बातचीत के आधार पर तैयार की गई थी।


 

 

'मंत्री के पति भी आते थे शेल्‍टर होम'
सामाजिक कल्‍याण मंत्री कुमारी मंजू वर्मा के पति चंद्रेश्‍वर वर्मा अक्‍सर शेल्टर होम आया करते थे। चंद्रेश्‍वर वर्मा पर आरोप है कि वह जब भी शेल्टर होम आते थे, तब सभी अधिकारी और कर्मचारियों को ग्राउंड फ्लोर पर बैठने के लिए कहते थे और खुद ऊपर की मंजिल पर चले जाते थे। जहां बच्चियां रहती थी। यह आरोप बाल संरक्षण अधिकारी रवि कुमार रोशन की पत्‍नी शीबा कुमारी सिंह ने लगाए हैं। फिलहाल शेल्टर होम मामले में रवि कुमार जेल में बंद हैं।