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श्रमिकों के पैरों में छाले देख पिघला मन, आगरा निवासियों ने उपलब्ध कराए जूते-चप्पल

May 20th, 2020 10:00 IST
 श्रमिकों के पैरों में छाले देख पिघला मन, आगरा निवासियों ने उपलब्ध कराए जूते-चप्पल

हाईलाइट

  • श्रमिकों के पैरों में छाले देख पिघला मन, आगरा निवासियों ने उपलब्ध कराए जूते-चप्पल

आगरा, 20 मई (आईएएनएस)। उत्तरप्रदेश के आगरा आईएसबीटी बस स्टैंड पर स्थानिय लोगों ने नंगे पैर चल रहे श्रमिकों के लिये एक छोटी सी मुहिम चलाई है। इस मुहिम के तहत उन्होंने इन श्रमिकों के लिए जूते-चप्पल उपलब्ध कराए हैं। जिन श्रमिकों के पैरों में चप्पल या जूते नहीं है वो अपने पैर का साइज चैक करके इनसे जूते ले जा सकता है।

स्थानिय निवासी राजिंदर मगन ने बताया, हमने देखा कि प्रवासी श्रमिकों के पैरों में जूते नहीं हैं। चलते-चलते उनके पैरों में छाले पड़ गये हैं। तब 3 दिन पहले हमने एक छोटी सी मुहिम शुरु की थी जिसमें हमने अपने परिचितों और सोसाइटी के लोगों से कहा कि आप के पास जो भी अतिरिक्त जूते-चप्पल हों वो आप हमें दे दें। इसके बाद हमने बड़ी संख्या में ऐसे जूते-चप्पल इकट्ठा करके एक जगह रख दिया।

फिर इस मुहिम में और भी लोग शामिल हो गए और वे भी उन रास्तों पर जूते-चप्पल उपलब्ध कराने लगे, जहां से श्रमिक आ-जा रहे हैं। यहां श्रमिक आते हैं, अपने लिए जूते चप्पल का साइज चैक करते है और पहनकर अपने रास्ते पर आगे निकल पड़ते हैं।

हमने एक बच्चे से बात की जिसकी उम्र 10 वर्ष है वो नंगे पैर था और जूते पहन कर अपना साइज चैक कर रहा था। उसने बताया, मैं बिहार से आया हूं मेरे एक जूता ट्रक में चढ़ते वक्त गिर गया था। मेरे पैर में एक ही जूता बचा। यहां आकर मुझे अपने नाप का जूता मिल गया अब बहुत अच्छा लग रहा है।

इन दिनों कई हजार प्रवासी श्रमिक आगरा होते हुये अपने घर जा रहे हैं, इनमें से कई के पैरों में चप्पल नहीं हैं और जिनके पैरों में चप्पल हैं भी तो वो कई सौ किलोमीटर पैदल चलने की वजह से फट गई हैं या खराब हो गई हैं। इतनी तेज धूप में नंगे पैर चलने की वजह से बच्चे हो या बड़े उनके पैरों में छाले पड़ गये हैं।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।