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जगन्नाथ मंदिर में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ बदसलूकी : रिपोर्ट

September 05th, 2018 18:23 IST
जगन्नाथ मंदिर में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ बदसलूकी : रिपोर्ट

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत के राष्ट्रपति रामनाथ गोविंद और उनकी पत्नी सविता कोविंद के साथ 'बदसलूकी' का मामला सामने आया है। हालांकि घटना आज से तीन महीने पुरानी है जिसका खुलासा आज किया गया है। जानकारी के मुताबिक राष्ट्रपति और उनकी पत्नी के साथ मंदिर के सेवकों ने बदसलूकी की थी। सेवकों ने न केवल सुरक्षा घेरा तोड़ा बल्कि उनकी पत्नी को धक्का भी दिया था। 

बता दें कि 18 मार्च को हुई इस घटना के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंदिर प्रशासन को एक पत्र लिखकर इस घटना पर नाराजगी जाहिर की थी। राष्ट्रपति भवन का पत्र मिलने के बाद मंदिर प्रशासन ने सेवकों और समिति के सभी सदस्यों के साथ बैठक की। इसके बाद एजेटीए ने भी एक विशेष बैठक की जिसके कुछ मिनट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति और उनकी पत्नी 6.35 से 8.40 तक मंदिर परिसर के अंदर थे। इस दौरान अन्य श्रद्धालुओं के लिए मंदिर को बंद रखा गया था। राष्ट्रपति जब अपनी पत्नी के साथ मंदिर के गर्भगृह में पहुंचे तब सेवादारों ने उनका रास्ता रोका और उनकी पत्नी को धक्का दिया।

जानकारी के मुताबिक एसजेटीए ने इस मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। एसजेटीए के प्रमुख प्रदीप्त मोहपात्रा ने इस पूरे मामले की जांच के लिए पुलिस अधीक्षक को तलब किया है। उन्होंने यह भी माना कि राष्ट्रपति की ‘यात्रा के दौरान कुछ ऐसे सेवक भी मंदिर में घुस आए थे जिन्हें उस समय वहां आने की इजाज़त भी नहीं थी। उनमें से एक राष्ट्रपति और उनकी पत्नी के नज़दीक तक पहुंच गया था, हालांकि उन्होंने यह नहीं माना कि राष्ट्रपति और उनकी पत्नी से किसी तरह की बदसलूकी की गई। अलबत्ता राष्ट्रपति भवन के पत्र में इसका स्पष्ट उल्लेख है। फिलहाल इस मामले की जांच की जा रही है। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।